मैं धान का दुश्मन नहीं, मुझे पानी से प्यार है। आने वाली पीढ़ी को विरासत में अगर पानी देना है, तो हमें आज संभलना होगा। जल संरक्षण की दिशा में प्रदेश सरकार द्वारा गंभीरता से प्रयास किए जा रहे हैं और कई कारगर योजनाएं क्रियान्वित की गई हैं। इसी कड़ी में मेरा पानी मेरी विरासत योजना का उद्देश्य किसानों को धान की बजाय दूसरी फसल लगाने के लिए प्रेरित करना है ताकि किसान फसल विविधिकरण की ओर अग्रसर होकर सरकार की जल बचाव मुहिम में अपना योगदान दें। ये बातें मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने मंगलवार को कही। वह सिरसा के पंचायत भवन में सामाजिक दूरी को अपनाते हुए सिरसा ब्लॉक के किसानों से मेरा पानी मेरी विरासत योजना के तहत सीधा संवाद कर रहे थे।
संवाद के दौरान मुख्यमंत्री ने किसानों का संशय दूर करते हुए उनके सुझावों का स्वागत भी किया। किसानों से सीधे संवाद से पहले उपायुक्त रमेश चंद्र बिढान ने मुख्यमंत्री का स्वागत किया और जिला में योजना की प्रगति के बारे में अवगत करवाया। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार की मंशा किसानों पर योजना को थोपने की नहीं है, बल्कि भूमिगत पानी को बचाने की है, जिन क्षेत्रों में भूमिगत जल स्तर 40 मीटर से नीचे हैं, उन क्षेत्रों में किसानों से धान न लगाने का आह्वान किया जा रहा है, ताकि भविष्य में जल संकट उत्पन्न न हो और किसान की भूमि भी उपजाऊ बनी रहे। उन्होंने बताया कि अब तक प्रदेश में योजना के तहत 55 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में धान की बजाय दूसरी फसल उगाने के लिए अपनी सहमति जताई है और जल बचाव मुहिम में किसान जुड़ रहे हैं।
जिले 5573 किसानों ने दूसरी फसल उगाने पर हामी भरी
मुख्यमंत्री ने कहा कि सिरसा जिला में अब तक मेरा पानी-मेरी विरासत योजना में 5573 किसानों ने धान की जगह दूसरी फसल उगाने के लिए सहमति जताई है। किसान धान की अतिरिक्त कोई भी फसल या बागवानी अपना सकते हैं। इसके लिए सरकार द्वारा 7 हजार रुपये प्रति एकड़ प्रोत्साहन राशि दी जा रही है। इसमें 2 हजार रुपये रजिस्ट्रेशन करने के साथ ही किसान को दिए जाएंगे और शेष 5 हजार रुपये की राशि फसल तैयार होने पर ही दी जाएगी। बाढ़ ग्रस्त क्षेत्रों में जहां पर विविधिकरण के अंतर्गत वैकल्पिक फसल लगाना संभव नहीं है। ऐसे किसान बासमती किस्म की सीधी बजाई कर सकते हैं। इसके अलावा जल बचाव मुहिम के तहत किसान टपका सिंचाई प्रणाली प्रयोग करें। किसानों को टपका सिंचाई विधि पर 85 प्रतिशत अनुदान दिया जाएगा।
किसान नेकी राम के पानी बचाव पर दिए सुझाव पर मुख्यमंत्री ने बजाई ताली
किसानों से संवाद के दौरान जिला के हांडीखेड़ा गांव के किसान नेकी राम ने मेरा पानी-मेरी विरासत योजना को कारगर बताया और इस मुहिम में दूसरे किसानों को भी आगे आने को कहा। नेकी राम ने सुझाव दिया कि जल बचाना और भू जल स्तर को ऊपर लाने के लिए रिचार्ज पद्घति पर गंभीरता से प्रयास किए जाने चाहिए, अन्यथा भविष्य में जमीन बंजर हो जाएगी। इस पर मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने स्वयं ताली बजाकर उनके सुझाव का अभिनंदन किया। वहीं एक अन्य किसान ने कहा कि धान की 1401 किस्म तैयार होने में 120 दिन का समय लेती है, इस पर प्रतिबंध लगना चाहिए। इसकी बजाय 90 दिनों में तैयार होने वाली 1509 किस्म लगाई जा सकती है।
सीएम बोले- एसवाईएल और हांसी बुटाना नहर में पानी लाने के किए जा रहे प्रयास
सीएम ने कहा कि सरकार द्वारा एसवाईएल नहर और हांसी-बुटाना नहर में पानी लाने के गंभीर प्रयास किए जा रहे हैं। इसके अलावा उत्तराखंड में लखवार डैम और रेणुका बांध परियोजना सहित अन्य माध्यमों से पानी लाने की योजना प्रगति पर है। फिलहाल हमें अपने पास उपलब्ध पानी के उचित इस्तेमाल की ओर ध्यान देना होगा। उन्होंने बताया कि प्रति किलोग्राम धान पैदा करने पर 4000 से 5000 लीटर पानी खर्च होता है जो पानी की बर्बादी का एक बड़ा कारण है। पिछली सरकारों द्वारा इस ओर ध्यान न दिए जाने के कारण आज हालत यह हो गई है कि अनेक स्थानों पर भूमिगत जलस्तर 200 फुट से भी गहराई पर चला गया है। वर्ष 2008 से भूजल स्तर निरंतर नीचे जा रहा है और किसान को हर वर्ष बोर में नई पाइप डालनी पड़ती है। इस प्रकार पिछले दस साल में पानी 100 फुट नीचे चला गया है। संकट और न गहराए इसलिए मेरा पानी मेरी विरासत योजना के माध्यम से किसानों से अपील की गई है वे स्वेच्छा से जल बचाने की तरफ कदम बढ़ाए।
प्रदेश में फिर शुरू की जाएगी राइस सूट योजना
प्रदेश में राइस सूट योजना फिर से शुरू की जाएगी। इसके तहत बरसाती मौसम में 20 एकड़ के किसान को नहर से स्पेशल मोगा दिया जाता है। उन्होंने कहा कि इसके लिए आवेदन करने वाले सभी किसानों को इस योजना का लाभ दिया जाएगा। इस अवसर पर प्रदेश अध्यक्ष सुभाष बराला, सांसद सुनीता दुग्गल, जिला अध्यक्ष यतिंद्र सिंह एडवोकेट, पूर्व विधायक मक्खन लाल सिंगला, पूर्व चेयरमैन जगदीश चोपड़ा, वरिष्ठ नेता प्रदीप रातूसरिया, विजय वधवा, रमेश मेहता, एडीसी मनदीप कौर, एसडीएम जयवीर यादव, सिटीएम कुलभूषण बंसल, डीए बाबू लाल उपस्थित थे।