फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

‘अफवाहों से रहें दूर, अखबार छूने से नहीं फैलता संक्रमण’

विज्ञापन
विज्ञापन
डबवाली। कोरोना संक्रमण काल में हमें अफवाहों से दूर रहना चाहिए। अखबार को छूने से संक्रमण नहीं फैलता। अखबार पढ़ने से कोरोना नहीं जागरूकता फैलती है। अखबार जब पाठक के घर तक पहुंचता है तो वह सैनिटाइज होकर आता है। साथ ही अभी तक ऐसा कोई शोध नहीं आया, जिससे यह दावा किया जा सके कि अखबार से संक्रमण फैलता है। इस विषय पर शहर के बुद्घिजीवी, पाठकों के साथ अलग-अलग संस्थाओं के प्रमुख व चिकित्सकों ने अपने विचार रखे।
विज्ञापन

कोरोना का दूसरा दौर बहुत ही भयंकर है। कोरोना एक महामारी है। इस समय हमें गाइडलाइन का पालना करना अति आवश्यक है। मास्क पहने, बार-बार हाथ धोएं, सामाजिक दूरी बनाकर रखें। हां अखबार पढ़ने या छूने से कोरोना नहीं फैलता। क्योंकि वह हमारे घरों तक सैनिटाइज होकर आता है। - डॉ. राहुल गर्ग, डेंटिस्ट सिविल अस्पताल
आमजन प्रशासनिक आदेशों की पालना करें। सामाजिक दूरी बनाकर रखें व मास्क जरूर पहनें। कोरोना के विरुद्ध वैक्सीन एक कारगर उपाय है। वैक्सीन जरूर लगवाएं। समाचार पत्रों से कोरोना नहीं जागरूकता फैलती है। इसलिए लोगों को अखबारों को जरूर पढ़ना चाहिए। - सुरजीत सिंह,चीफ मैनेजर, एसबीआई
विज्ञापन

अखबार को छूने एवं पढ़ने से कोरोना नहीं फैलता। मेरा मानना है कि लोगों में जागृति होनी चाहिए। फास्ट फूड, सब्जी विक्रेताओं की दुकानों को देर तक खोलने की इजाजत देना ठीक नहीं। क्योंकि कोरोना की दूसरी लहर बेहद खतरनाक है। - राज कुमार बत्तरा, वरिष्ठ नागरिक
सरकार द्वारा जारी आदेशों की पालना सही तरीके से नहीं हो रही। लापरवाही बरतने से संक्रमण लगातार कहर बरपा रहा है। हमें अफवाहों से दूर रहना चाहिए। अखबार पढ़ने से कोरोना संक्रमण नहीं फैलता बल्कि इससे हमें पुख्ता जानकारी मिलती है। - विजय वधवा, दुकानदार, गांधी चौक
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें