इनेलो विधायक का आरोप- भूमाफिया के साथ मिलकर षड्यंत्र रच रहे सत्ताधारी दल से जुड़े प्रभावशाली लोग
- राज्यपाल भी इस मामले में विवि से मांग चुके है रिपोर्ट
- जेजेपी के बाद अब इनेलो भी आई मैदान में
संवाद न्यूज एजेंसी
सिरसा। चौधरी देवीलाल विश्वविद्यालय की 52 एकड़ भूमि को लेकर विवाद गहरा गया है। भूमाफिया की सक्रियता के बाद राज्यपाल असीम घोष ने इस मामले में रिपोर्ट मांगी है। अब इंडियन नेशनल लोकदल भी जमीन बचाने के लिए मैदान में उतर गई है।
वीरवार को रानियां के विधायक अर्जुन चौटाला ने प्रेसवार्ता कर कहा कि यदि जरूरत पड़ी तो इनेलो इस बेशकीमती जमीन को बचाने के लिए आंदोलन करेगी। उन्होंने आरोप लगाया कि सत्ताधारी दल से जुड़े प्रभावशाली लोग भूमाफिया के साथ मिलकर जमीन हड़पने का षड्यंत्र रच रहे हैं।
अर्जुन चौटाला ने सरकार से अदालत में विश्वविद्यालय का पक्ष मजबूती से रखने की मांग की। उन्होंने बताया कि 6 अप्रैल 2003 को तत्कालीन मुख्यमंत्री ओमप्रकाश चौटाला ने यह जमीन विश्वविद्यालय को दी थी।
इसका उद्देश्य भविष्य में शैक्षणिक विस्तार के लिए भूमि उपलब्ध कराना था। विधायक ने गुरुग्राम के सेक्टर-43 का उदाहरण भी दिया जहां कॉलेज की जमीन गोदरेज कंपनी को दे दी गई थी।
विवाद का कारण और विश्वविद्यालय का पक्ष
राजस्व रिकॉर्ड में यह जमीन चौधरी देवीलाल विश्वविद्यालय के नाम है लेकिन इस पर मुजारों का कब्जा है। विश्वविद्यालय बनाने के दौरान मुजारों को काम करने के लिए रहने दिया गया था। मेडिकल कॉलेज के साथ ही इस जमीन पर भूमाफिया की सक्रियता बढ़ी है। जनवरी 2026 से अगस्त 2026 के बीच उच्च पदस्थ कर्मचारियों और प्रॉपर्टी डीलरों ने जमीन का निरीक्षण किया था। विश्वविद्यालय प्रबंधन ने सरकार को जमीन हैंडओवर करने से इन्कार कर दिया है। कुलपति प्रो. विजय कुमार ने इस जमीन पर खेल परिसर बनाने की परियोजना की जानकारी दी है।