डबवाली (सिरसा)। इंदिरा गांधी पेयजल योजना में हुए गड़बड़झाले की जांच शुरू होने से पहले ही स्थगित हो गई है। जांच सीएम मनोहर लाल खट्टर के दौरे के बाद होगी।
हालांकि जनस्वास्थ्य महकमे के कार्यकारी अभियंता प्रकाशवीर पूनियां ने जांच के लिए सोमवार को सुबह 11 बजे बठिंडा रोड़ स्थित लोक निर्माण विभाग (भवन एवं पथ) के विश्राम गृह में आना था। लेकिन वे नहीं आए। इस संबंध में शिकायतकर्ता अमरनाथ बागड़ी ने एसडीई भानी राम को कॉल की तो पता चला कि जांच अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दी गई है। एसडीई ने बताया कि जांच की आगामी तारीख सीएम दौरे के बाद रखी जाएगी। शिकायतकर्ताओं के अनुसार दस साल पहले इंदिरा गांधी पेयजल योजना के तहत बड़े स्तर पर घोटाला हुआ है। इतना समय बीतने के बावजूद आज तक लोगों के घरों में उपरोक्त योजना के तहत मिली टंकिया जस की तस पड़ी हैं। पाइपों से चारपाई बनी हुई है या फिर लोग कपड़े सूखाने के लिए पाइप का प्रयोग कर रहे हैं। शिकायतकर्ताओं के अनुसार महकमे का रिकॉर्ड देखने से ही पता चल जाता है कि किस तरह ठेकेदारों ने लाभपात्रों के हाथों में पाइप पकड़वाकर फोटो खींची और कनेक्शन करने का ढोंग रचा। महकमे का रिकॉर्ड ऐसी तस्वीरों से भरा पड़ा है। शिकायतकर्ता विजय खनगवाल, अमरनाथ बागड़ी ने बताया कि 17 दिसंबर को सीएम मनोहर लाल खट्टर को ज्ञापन देकर उच्च स्तरीय कमेटी से जांच करवाने की मांग की जाएगी। चूंकि झूठे रिकॉर्ड को सही साबित करके ठेकेदारों को फायदा पहुंचाने में विभाग के अधिकारी संलिप्त है।