सिरसा। भारत का दृष्टिकोण हमेशा संपूर्ण मानवता के कल्याण के लिए रहा है। हमने कभी अपने स्वार्थ के लिए नहीं, बल्कि हमेशा विश्व शांति, सहयोग और न्याय के लिए आवाज उठाई है। यह विचार शनिवार को हरियाणा ग्रामीण विकास संस्थान, नीलोखेड़ी के निदेशक डॉ. वीरेंद्र सिंह चौहान ने दिल्ली पब्लिक स्कूल में आयोजित मॉडल संयुक्त राष्ट्र सम्मेलन के उद्घाटन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में व्यक्त किए।
डॉ. चौहान ने कहा कि भारत ने संयुक्त राष्ट्र संघ की स्थापना से लेकर आज तक एक जिम्मेदार और सक्रिय सदस्य की भूमिका निभाई है। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि मॉडल यूएन केवल एक प्रतियोगिता नहीं, बल्कि वैश्विक जिम्मेदारी का प्रशिक्षण है, जिससे युवाओं में नीति-निर्माण, संवाद और सहमति की संस्कृति विकसित होती है।
भारत की युवा पीढ़ी में नेतृत्व, संवेदनशीलता और संवाद की क्षमता है, जो नए युग के विश्व-निर्माण की दिशा तय करेगी। प्राचार्य रमा दहिया ने मुख्य अतिथि का स्वागत किया। उन्होंने बताया कि दो दिन तक चलने वाले इस सम्मेलन में 200 से अधिक विद्यार्थी विभिन्न देशों का प्रतिनिधित्व करते हुए वैश्विक मुद्दों पर विचार-विमर्श कर रहे हैं।
कार्यक्रम में सभी प्रतिभागी भारतीय परिधानों में सजकर पहुंचे, जिससे पूरे परिसर में भारतीय संस्कृति और एकता की झलक दिखाई दी। इस अवसर पर राजकीय महिला महाविद्यालय के प्राचार्य शत्रुजीत सिंह शेखावत ने विशिष्ट अतिथि के रूप में सहभागिता की। इस अवसर पर विद्यालय के दीक्षांत, ईरा, मान्या, नैन्सी, देवांश, अजीम, अनंत, गौरी, श्रेया, अनुष्का आदि विद्यार्थियों ने विभिन्न सत्रों की अध्यक्षता की। वहीं शिक्षक हिमांशु सोनी, हिमांशु सेठी, अनिका, ऋतु आर्य, रमनदीप, सिमरत, प्रभजोत, करण और दिया भी उपस्थित रहे।
अब मॉडल यूथ ग्राम सभा भी
भारत सरकार के पंचायती राज, शिक्षा एवं जनजातीय मामलों के मंत्रालयों की संयुक्त पहल मॉडल युवा ग्राम सभा की जानकारी भी मुख्य अतिथि डॉ. चौहान ने प्रतिभागियों को दी। उन्होंने कहा कि इसका उद्देश्य विद्यार्थियों को स्थानीय शासन, ग्राम पंचायत की कार्यप्रणाली और लोकतांत्रिक निर्णय प्रक्रिया से परिचित कराना है। इस कार्यक्रम के तहत जवाहर नवोदय विद्यालयों और एकलव्य विद्यालयों में विद्यार्थियों को ग्राम सभा के वास्तविक स्वरूप में भागीदारी का अवसर दिया जा रहा है।