सिरसा। हरियाणा के खेल राज्यमंत्री गौरव गौतम ने कहा कि विकसित भारत का मूल आधार आत्मनिर्भर भारत है और इसका रास्ता स्वदेशी से होकर गुजरता है। देश तभी वास्तविक रूप से विकसित हो सकेगा, जब हम उन्हीं उत्पादों को अपनाएंगे जिनमें भारत के किसानों और मजदूरों का पसीना शामिल है। इससे न केवल वे आर्थिक रूप से सशक्त होंगे, बल्कि देश भी मजबूती की राह पर आगे बढ़ेगा।
वे आत्मनिर्भर भारत संकल्प अभियान के तहत नेहरू प्राइवेट आईटीआई, अलीकां में आयोजित कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि बोल रहे थे। राज्यमंत्री गौरव गौतम ने कहा कि आत्मनिर्भर और विकसित भारत का रास्ता स्वदेशी से होकर ही जाता है। हमें वही वस्तुएं खरीदनी चाहिए जिनमें भारत की मिट्टी की सुगंध और हमारे मजदूरों का पसीना हो।
गौरव गौतम ने कहा कि भारत दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है और वैश्विक स्तर पर सबसे बड़ा उपभोक्ता बाजार भी। अगर हम भारत में बने उत्पादों को प्राथमिकता देंगे तो न केवल युवाओं को रोजगार मिलेगा, बल्कि देश का तकनीकी और औद्योगिक विकास भी तेजी से होगा। मेक इन इंडिया, स्टार्टअप इंडिया और वोकल फॉर लोकल सभी आत्मनिर्भर भारत की दिशा में मजबूत कदम हैं।
खेल राज्यमंत्री ने लोगों से आह्वान किया कि वे देश के युवाओं, किसानों और मातृशक्ति की ओर से निर्मित उत्पादों को अपनाएं, ताकि आने वाली पीढि़यां भी गर्व महसूस करें। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार सबका साथ, सबका विकास की नीति पर काम कर रही है और सभी क्षेत्रों में समान विकास सुनिश्चित किया जा रहा है।
गौरव गौतम ने युवाओं से आह्वान किया कि वे नशा छोड़ें और खेलों से जुड़ें, ताकि प्रदेश को नशा मुक्त और खेल युक्त हरियाणा बनाया जा सके। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार युवाओं के लिए अधिक से अधिक खेल स्टेडियम और व्यायामशालाओं का निर्माण करवा रही है। कार्यक्रम के दौरान उन्होंने आमजन की समस्याएं भी सुनीं और उनके समाधान का आश्वासन दिया।
इस अवसर पर हरियाणा बीज विकास निगम के चेयरमैन देव कुमार शर्मा, भाजपा जिलाअध्यक्ष डबवाली रेणू शर्मा, वरिष्ठ भाजपा नेता बलदेव सिंह मांगेआना, मार्केट कमेटी चेयरमैन सतीश जग्गा, विजयंत शर्मा, एससी मोर्चा जिला अध्यक्ष कृष्ण चौहान आदि मौजूद रहे।
आत्मनिर्भर भारत संकल्प अभियान से बनेंगे आत्मनिर्भर : खेल राज्यमंत्री
खेल राज्यमंत्री गौरव गौतम ने पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि आत्मनिर्भर भारत संकल्प अभियान का उद्देश्य देश के हर नागरिक को स्वावलंबी और आत्मनिर्भर बनाना है। इस अभियान के जरिये भारत को आर्थिक, सामाजिक और तकनीकी दृष्टि से सशक्त किया जाएगा। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा मिलेगा। इससे भारत एक वैश्विक आर्थिक शक्ति के रूप में उभरेगा। उन्होंने कहा कि यदि हम स्वदेशी की ओर लौटेंगे, तो भारत निश्चित रूप से दुनिया की सबसे शक्तिशाली राष्ट्रों में शुमार होगा।