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Sirsa News: अधूरी व्यवस्था ने बारिश में भिगोया 80 हजार बैग अनाज, तिरपाल के लिए इधर-उधर भागते नजर आए किसान

Thu, 18 Apr 2024 10:57 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
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सिरसा की अनाज मंडी में भीगीं बोरियां व आसमान में छाए बादल।   संवाद
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संवाद न्यूज एजेंसी
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सिरसा। मौसम के करवट बदलने के साथ वीरवार देर शाम को जिले में तेज हवाओं के साथ बारिश हुई। इसके चलते अनाज मंडियाें में खुले में पड़ा 80 हजार बैग अनाज भीग गया। किसान अपनी फसलों को भीगने से बचाने के लिए तिरपालों के लिए इधर-उधर भागते नजर आए। वहीं मंडियों में फसलों का उठान अभी भी आधा अधूरा चल रहा है।

सिरसा में वीरवार शाम को अचानक मौसम में परिवर्तन हुआ और तेज हवाओं के साथ बारिश शुरू हो गई। दिनभर मौसम साफ रहने फिर अचानक शाम को बारिश के कारण अनाज मंडी में आढ़ती व किसान संभल नहीं पाए। वीरवार शाम को करीब पौने 7 बजे दो मिनट के लिए बारिश भी हुई। इसके बाद किसानों में अपनी फसलों को बचाने के लिए तिरपाल लेने के लिए अफरा तफरी का माहौल बना रहा। इसके बाद फिर से बारिश शुरू हो गई। इसके चलते सिरसा की अनाज मंडी में खुले में पड़ी गेहूं व सरसों की करीब 40 हजार बोरियां भीग गईं। अब एक बार फिर उठान का काम नहीं हो पाएगा। गांवों में भी किसानों ने गेहूं की कटाई का कार्य फिलहाल रोक दिया है।
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पर्याप्त लेबर न होने के कारण उठान का कार्य धीमा
सिरसा की अनाज मंडी में इस बार उठान का कार्य काफी धीमा चल रहा है। इस कारण अनाज मंडी में खुले में सरसों व गेहूं के बैग भरे पड़े हैं। बता दें कि उत्तर प्रदेश व बिहार में इस समय चुनावी माहौल गर्माया हुआ है। अनाज मंडियों के काम के लिए यहीं की लेबर सबसे अधिक आती है,, लेकिन इस बार 40 फीसदी लेबर कम आई है। इससे उठान का कार्य काफी प्रभावित हो रहा है। बोरियों को उठाकर ट्रकों में डालने व गोदाम में उतारने के लिए लेबर की अति आवश्यकता है। यही कारण है कि हैफेड के गोदामों पर भी ट्रकों की लंबी लाइनें लगी हुई हैं। विशेषज्ञों की मानें तो पिछले साल की अपेक्षा इस साल लेबर का कम आना उठान न होने का मुख्य कारण है।


खुले में लग रहीं ढेरियां
उठान न होने के कारण मंडी में गेहूं लेकर आ रहे किसानों को भी खुले में ही ढेरियां लगानी पड़ रही हैं। दिन भर बादल छाए रहने व हवाएं चलने से किसान पहले से ही परेशान हैं। इस बार प्रशासन ने सरसों की खरीद के लिए 14 अनाज मंडियों व खरीद केंद्रों तथा 70 अनाज मंडियों व खरीद केंद्रों पर गेहूं की खरीद की जा रही है। सरसों की खरीद लगभग पूरी होने को हैं, लेकिन उठान में अभी भी काफी देरी हो रही है।




इस प्रकार है उठान का आंकड़ा
गेहूं की स्थिति
कुल खरीद : 703209 क्विंटल

उठान : 96261 क्विंटल
बाकी : 606948 क्विंटल

सरसों की स्थिति
कुल खरीद : 419612 क्विंटल
उठान बाकी : 192837 क्विंटल
उठान : 226775 क्विंटल

अध्यापकों की लगाईं ड्यूटी, संघ ने जताया रोष
अनाज मंडी में सरसों व गेहूं की सुचारु खरीद के लिए प्रशासन ने अध्यापकों की ड्यूटी भी लगा दी हैं। अध्यापकों की डबवाली, रानियां, ऐलनाबाद खंडों में ड्यूटी लगाई गई है। इसकी हरियाणा अनुसूचित जाति राजकीय अध्यापक संघ ने निंदा की है। जिला प्रधान छबील दास ने कहा कि एक अप्रैल से स्कूलों में नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत हो चुकी है और इस समय स्कूलों में नए दाखिले करना, एमआईएस अपडेट करना, पिछले सत्र के मुकाबले 25 प्रतिशत अधिक नामांकन बढ़ाना, नए सत्र में शिक्षण कार्य प्रभावी रूप से सुचारू करना इत्यादि कार्यों की भरमार है, इसके अलावा ईवीएम ट्रेनिंग इत्यादि विभिन्न चुनावी कार्यों में भी अध्यापकों की निरंतर ड्यूटी लग रही हैं। ऐसे में अनाज खरीद केंद्रों पर अध्यापकों की ड्यूटी लगाना सरासर शिक्षा व्यवस्था के साथ खिलवाड़ है। उन्होंने बताया कि आरटीई एक्ट के तहत राष्ट्रीय हित व आपातकालीन स्थितियों के अलावा अध्यापकों की गैर शैक्षणिक कार्यों में ड्यूटी नहीं लगाई जा सकती।


फसलों का निरंतर हो रहा भुगतान
हैफेड द्वारा किसानों की सरसों खरीद की 321.52 करोड़ रुपये की राशि में से 318.30 करोड़ की राशि अदा कर दी गई है। इसके अलावा हैफेड के पास किसानों की गेहूं का 19.84 करोड़ रुपये बकाया था, जिसमें से 18.90 करोड़ रुपये किसानों के खातों में डाल दिया गया है। हैफेड के अधिकारियों के अनुसार, किसानों की बकाया राशि का भी जल्द भुगतान कर दिया जाएगा।
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अनाज मंडियों में गेहूं की आवक तेजी से शुरू हो गई है। अधिकारियों को उठान व किसानों की फसल की तुरंत खरीद के आदेश दिए गए हैं। जिन किसानों की फसल खरीदी जा चुकी है, उनको 72 घंटे के भीतर भुगतान के आदेश दिए गए हैं। - आरके सिंह, उपायुक्त सिरसा।
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