सिरसा। बिजली निगम की कार्यप्रणाली पर बिजली बिल न भरने वाले उपभोक्ताओं की बढ़ोतरी सवालिया निशान लगा रही है। कालांवाली डिविजन को छोड़कर बाकी सभी डिविजन रेड जोन में विभाग ने डाल दी गई है। जहां पिछले साल 31 मार्च 2023 तक डिफाल्टर उपभोक्ताओं की कुल संख्या 12 लाख 5 हजार 544 थी। वहीं 31 दिसंबर 2023 तक तक डिफॉल्टर उपभोक्ताओं की संख्या 15 लाख 5 हजार 328 हो गई। इस दौरान 3 लाख डिफाल्टरों की उपभोक्ता बढ़े है जो बेहद चिंता का विषय है।
ऐसे में बीते दिनों मुख्यालय में हुई बैठक में सिरसा सर्कल के अधिकारियों को उच्चाधिकारियों ने फटकार लगाई है। हैरानी की बात है कि बिजली मंत्री का गृह जिला होने के बाद भी इतनी बड़ी संख्या में बिजली उपभोक्ताओं के डिफाल्टर होना चिंता का विषय है।
हालांकि अब बिजली निगम की ओर से रिकवरी करने के लिए मेगा अभियान चलाने की योजना बनाई गई है। जिसमें डिफॉल्टर उपभोक्ताओं से निगम रिकवरी करेगा। पैसा जमा नहीं करवाने वाले बिजली उपभोक्ताओं के कनेक्शन भी काटे जाएंगे। वहीं जो लोग चोरी कर रहे हैं, उन पर भी बिजली निगम की ओर से नकेल कसी जाएगी। ताकि इस साल के अंत तक बिजली निगम को दिए गए लक्ष्य को पूरा किया जा सके।
इन डिविजनाें में भी डिफाल्टरों की संख्या बढ़ी
मार्च 2023 के बाद जिले में डिफाल्टर उपभोक्ताओं की संख्या बढ़ी है। बिजली निगम में डिफाल्टर उपभोक्ता उन्हें कहा जाता है जो अपना बिजली का बिल नहीं भरते है। लेकिन उनका बिजली कनेक्शन चल रहा है। बिल न भरने के कारण वो उपभोक्ता डिफाल्टर है। वहीं डिसकनेक्टेड डिफाल्टर उपभोक्ता वो उपभोक्ता है जिनके बिल न भरने के कारण बिजली का कनेक्शन बिजली निगम की ओर से काट दिया गया है। इस दौरान पंजुआना, डिंग, माधोसिंघाना, सिटी डिविजन, सब अर्बन सिरसा, जीवन नगर, चोपटा, सब अर्बन डिविजन सिरसा, चौटाला, डबवाली डिविजन में डिफाल्टर उपभोक्ताओं व उनसे लेने वाले अमाउंट की संख्या बढ़ी है।
रिकवरी करने के लिए मार्च महीने में बिजली निगम की ओर से मेगा अभियान चलाया जाएगा। जो बिल नहीं भर रहे हैं या फिर बिजली चोरी कर रहे हैं उनके कनेक्शन काटे जाएंगे।
- राजेंद्र सभ्रवाल, एसई, बिजली निगम।