क्षेत्र के गांव देसूमलकाना में कनकवाल रोड पर भाखड़ा नहर के पास गेहूं की फसल में अचानक आग लग गई जिससे कई किसानों की करीब 200 एकड़ फसल जलकर राख हो गई। हरियाणा और पंजाब के अनेक गांवों के सैकड़ों किसानों ने मौके पर पहुंचकर दो घंटे की कड़ी मशक्क्त के बाद आग पर काबू पाया। आग को बुझाते समय एक ट्रैक्टर में आग लग गई, जिससे ट्रैक्टर को काफी नुकसान पहुंचा है, वहीं किसान भी घायल हो गया।
आग की सूचना पाकर सिर्फ मार्केट कमेटी की एक दमकल गाड़ी ही मौके पर पहुंची जिसने आग बुझाने का प्रयास किया जबकि सिरसा, डबवाली की कई दमकल गाड़ियों ने आग बुझने के बाद मौके पर राख को ही ठंडा किया। इसके अलावा पंजाब में स्थित कनकवाल रिफाइनरी की तरफ आग बढ़ने की सूचना पर रिफाइनरी की गाड़ियों ने हरियाणा की गाड़ियों से पहले मौके पर पहुंचकर आग पर काबू पाया। आग लगने के कारणों का कोई पता नहीं चल पाया है।
ग्रामीणों ने बताया कि भाखड़ा नहर के नजदीक किसान अपने खेतों में कार्य कर रहे थे। अचानक खेत से धुआं निकलने लगा। किसानों और मजदूरों ने आग बुझाने की काफी कोशिश की लेकिन हवा तेज होने के कारण आग बेकाबू हो गई। जिस किसान के खेत में आग लगी थी वह रोता-बिलखता हुआ आग पर काबू पाने का प्रयास करता रहा। लेकिन आग की रफ्तार तीव्र गति से बढ़ती रही। धुएं के चलते कई गांवों में छाए अंधेरे से आग की सूचना पाकर हरियाणा और पंजाब के दर्जनों गांवों के सैकड़ों किसानों ने मौके पर पहुंचकर बड़ी मशक्कत के बाद ट्रैक्टरों, कृषि उपकरणों, टहनियों, मिट्टी, पानी के टैंकरों आदि की सहायता से आग पर काबू पाया।
आग की इस घटना के बाद आसपास के गांवों के किसानों ने सरकार और प्रशासन के प्रति गहरा रोष जताया। किसानों ने बताया कि सिर्फ एक गाड़ी ही आग बुझाती रही। यदि अन्य दमकल गाड़ियां समय पर पहुंच जाती तो इतना नुकसान नहीं होना। इसके अलावा भाखड़ा नहर व अन्य नहरों में बिल्कुल पानी नहीं होने के चलते आग बुझाने में सफलता नहीं मिली। आग की सूचना मिलते ही कालांवाली थाना प्रभारी शिव नारायण, रामां पंजाब से एएसआई बुध सिंह अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे और घटनास्थल का जायजा लिया। पटवारियों ने किसानों की नष्ट हुई फसल की रिपोर्ट बनाने की कार्रवाई शुरू की। वहीं गुप्तचर विभाग की टीम ने समय-समय पर घटना की जानकारी उच्चाधिकारियों को दी।
आग को बुझाते समय एक ट्रैक्टर में आग लग गई, जिससे ट्रैक्टर को काफी नुकसान पहुंचा है वहीं किसान भी घायल हो गया। इस आगजनी में किसान मेजर सिंह, सुखदेव सिंह, गुरतेज सिंह, बिंदर सिंह, बलबीर सिंह, बुटा सिंह, कौर सिंह, देव सिंह, काका सिंह,जरनैल सिंह, गुरजंट सिंह आदि किसानों की करीब दो सौ एकड़ गेहूं की फसल नष्ट हो गई। इसके अलावा साथ लगते किन्नू के बाग को भी नुकसान पहुंचा है।