बैठक को संबोधित करते जगदीश झींडा।
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हरियाणा सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एचएसजीपीसी) के प्रधान जगदीश झींडा ने कहा कि एचएसजीपीसी में कोई बदलाव नहीं किया जा सकता। विधानसभा में 2014 में पास होने के बाद राज्यपाल की मान्यता के बाद इसका पूरी तरह से संवैधानिक तरीके से गठन किया गया था। इसके अलावा सभी खबरें निराधार हैं और कमेटी में फूट डालने के लिए ऐसा किया जा रहा है।
वे रविवार को जीवननगर मार्ग पर स्थित नामधारी गुरुद्वारा में एचएसजीपीसी की आवश्यक बैठक को संबोधित कर रहे थे। इसकी अध्यक्षता एचएसजीपीसी के जिलाध्यक्ष मालिक सिंह ने की। बैठक में अनेक मुद्दों पर विचार-विमर्श किया गया। बैठक में एचएसजीपीसी के बारे में चल रही चर्चा पर भी विचार-विमर्श कर स्थिति स्पष्ट करते हुए प्रधान जगदीश सिंह झींडा ने कहा कि कमेटी में कोई बदलाव नहीं किया जा सकता है। विधानसभा में 2014 में पास होने के बाद राज्यपाल की मान्यता के बाद पूरी तरह से संवैधानिक तरीके से गठन किया गया था। इसके अलावा सभी खबरें निराधार हैं और कमेटी में फूट डालने के लिए ऐसा किया जा रहा है। सिख संगत ऐसा बर्दाश्त नहीं करेगी और एकजुट होकर हरियाणा का हक लेगी।
उन्होंने कहा कि हरियाणा के गुरुघरों की सेवा संभाल हरियाणा की सिख संगत ही करेगी, जिसके लिए कोई भी कुर्बानी देने को तैयार हैं। श्री अकाल तख्त पर पेश होने पर अपनी स्थिति को स्पष्ट करते हुए उन्होंने कहा कि सिख धर्म की सर्वोच्च संस्था की धार्मिक सर्वोच्चता को मंजूर किया है। उन्होंने कहा कि वह एचएसजीपीसी की मजबूती के लिए वचनबद्ध हैं। इसके बाद जगदीश झींडा एचएसजीपीसी के संरक्षक व वयोवृद्ध मॉ. संपूर्ण सिंह का कुशलक्षेम जानने पंहुचे। इस अवसर पर जगदेव मटदादू, सेवा सिंह विर्क, सुखचैन सिंह, सुखदेव सिंह, डॉ. गुरचरण सिंह, गुरनाम झब्बर, निर्मल सिंह, सरदूल सिंह कोटली, जसविंद्र सिंह, दर्शन सिंह, बली सिंह, महासिंह ढिल्लों नाईवाला सहित अनेक सिख संगत उपस्थित रहे।