किसान कॉल सेंटर में नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी करने का मामला दो थानों के बीच फंस कर रह गया है। एक थाना प्रमुख कह रहे हैं कि घटना सिरसा की है तो वहीं पर मामला दर्ज होगा, जबकि दूसरे थाना प्रभारी यह दलील देकर पीड़ित को वापस लौटा रहे हैं कि उन्होंने सारा पत्राचार घर पर ही किया तो यह मामला दूसरे के थाने का है। ऐसे में पीड़ित दोनों थानों के चक्कर लगाकर थक चुका है, लेकिन कोई भी सुनवाई करने को तैयार नहीं है, जबकि नए एसपी मितेश जैन खुद थाना प्रभारियों को निर्देश दे चुके हैं कि फरियादी को चक्कर न लगवाए जाएं।
यूं कटवाए थानों के चक्कर
बड़ागुढ़ा थाना के गांव बप्पां ढाणी के फरियादी जयचंद और उनके परिवार के तीन और सदस्यों को नौकरी दिलाने के नाम पर लगभग 50 हजार रुपये की चपत लगाई गई। उन्होंने ठगाें को यह पैसा सिरसा में बैंक के मार्फत दिया। जब उन्हें अपने साथ हुई ठगी का आभास हुआ तो उन्होंने मंगलवार को बड़ागुढ़ा थाना में जाकर शिकायत दर्ज करवाई।
इस पर देर सायं फरियादी को थाने में बुलाकर एसएचओ जगत सिंह ने कहा कि आपने सिरसा बैंक में रुपये जमा करवाए हैं तो मामला सिरसा सिटी थाना का है इसलिए अपनी शिकायत वहीं ले जाएं। फरियादी जब अपने साथ हुई जालसाजी की शिकायत लेकर सिरसा सिटी थाने में पहुंचा तो उसे वहां तीन घंटे तक बैठाए रखा गया।
इसके बाद एसएचओ ने जवाब दिया कि आपकी फोन पर बात गांव बप्पा में होती रही है आपका पत्राचार भी वहीं हुआ है इसलिए मामला बड़ागुढ़ा थाना का है वहीं आप अपनी रिपोर्ट दर्ज करवाओ। पीड़ित ने कहा कि अब तो उसके साथ हुई जालसाजी का न्याय सिर्फ न्यायालय ही दिला सकता है। वह अदालत का दरवाजा खटखटाएगा।
सिरसा सिटी थाना में दर्ज होना चाहिए केस : जगत सिंह
बड़ागुढ़ा थाना प्रभारी जगत सिंह ने कहा कि पीड़ित कि उनसे मुलाकात नहीं हुई। शिकायत देखकर उन्होंने फोन पर उससे बात कही थी कि रुपये सिरसा बैंक में जमा करवाए हैं तो आपको शिकायत भी सिरसा सिटी थाना में देनी होगी। अगर उनकी बात नहीं सुनी गई तो पीड़ित व्यक्ति मुझ से मिले, कोई न कोई समाधान जरूर निकाला जाएगा।
बड़ागुढ़ा थाने का है मामला : मौजी राम
सिरसा सिटी थाना प्रभारी मौजी राम ने कहा कि उनके पास शिकायत आई थी। रुपये जरूर सिरसा एसबीआई और पंजाब नेशनल बैंक में जमा हुए हैं, लेकिन पत्राचार तो बड़ागुढ़ा स्थित पीड़ितों के घर पर ही हुआ है और फोन भी वहीं से किए गए हैं। इसलिए मामला बड़ागुढ़ा थाना का बनता था तो उन्होंने उसे बड़ागुढ़ा थाना में शिकायत दर्ज करवाने को कहा है।
फरियादी मुझसे मिले होगा समाधान : एसपी
एसपी मितेश जैन ने कहा कि फरियादी को मुझसे मिलना चाहिए। उसकी समस्या का समाधान करवाया जाएगा।
यह था मामला
गांव बप्पां की ढाणी खजान चंद के जयचंद कंबोज और उनके परिवार के तीन सदस्यों से किसान कॉल सेंटर में नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी हुई थी। जयचंद ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि उनकी पुत्री पलविंद्र रानी, बहू सरीना रानी और पुत्र प्रदीप ने एक समाचार पत्र में किसान कॉल सेंटर का विज्ञापन पढ़कर फोन पर बात की तो उन्हें बताया गया कि कृषि का ज्ञान अधिक होने के कारण उन्हें कॉल सेंटर के लिए चुना जाता है, जिनका काम होगा किसानों को जानकारी प्रदान करना और वेतन 22500 रुपये। उसके लिए फार्म भरने के लिए बैंक में 820 रुपये जमा करवाने होंगे।
जब उन्होंने रुपये जमा करवाए तो उन्हें कागजी कार्रवाई के लिए 14500 रुपये जमा करवाने को कहा गया। उन्होंने कहे अनुसार पंजाब नेशनल बैंक में पैसे जमा करवाए और उसे फिर से 12500 रुपये जमा करवाए गए। नौकरी के झांसे में आकर कुल 48500 रुपये जमा करवा दिए गए। पहले उनके पास किसान हेल्पलाइन सर्विसेज के नाम से पत्र भी प्राप्त हुए, जिसमें महात्मा गांधी राष्ट्रीय रोजगार योजना के अनुसार उन्हें नौकरी देने की बात कही गई थी। इसके बाद उन्होेंने उनके मोबाइल नंबर पर संपर्क करना चाहा तो बार-बार फोन मिलाने पर वे स्विच ऑफ पाए गए तो उन्हें समझ आया कि उनके साथ जालसाजी हुई है।
सैकड़ों हो सकते हैं पीड़ित
यदि पुलिस इस ठगी के मामले को गंभीरता से लेकर जांच करती तो एक बड़े नेटवर्क का खुलासा हो सकता है। इस मामले में पीड़ित सैकड़ों की संख्या में हो सकते हैं।