संवाद न्यूज एजेंसी
सिरसा। गर्भपात में इस्तेमाल होने वाली एमटीपी (मेडिकल टर्मिनेशन ऑफ प्रेग्नेंसी) किट की शहर में ऑनलाइन डिलीवरी की जा रही है। इसका खुलासा स्वयं पीएनडीटी व एमटीपी एक्ट के जिला नोडल ऑफिसर डॉ. संकेत सेतिया ने किया है। नोडल ऑफिसर डॉ. संकेत सेतिया की शिकायत पर शहर थाना पुलिस ने ऑनलाइन एमटीपी किट बेचने वाली कंपनी के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पुलिस को दी शिकायत में डॉ. संकेत सेतिया ने बताया कि उन्हें गुप्त सूचना मिली थी, कि शहर में एमटीपी किट की ऑनलाइन डिलीवरी की जा रही। बिहार के भागलपुर से संचालित एक कंपनी ऑनलाइन एमटीपी किट बेच रही है। डॉ. सेतिया ने इसकी जानकारी ड्रग कंट्रोल ऑफिसर सुनील कुमार, केशव वशिष्ठ को दी। इसके बाद ड्रग कंट्रोल ऑफिसर केशव वशिष्ठ ने स्नेहा कुमारी के नाम से एक एमटीपी किट 22 फरवरी को ऑर्डर की। इसकी डिलिवरी जिला नागरिक अस्पताल स्थित डिस्पेंसरी में मांगी गई। इसके लिए 674 रुपये का भुगतान किया गया। 5 मार्च को यह किट डिलीवर कर दी गई। डॉ. सेतिया ने बताया कि इस तरह बिना किसी रजिस्टर्ड मेडिकल प्रैक्टिशनर की सलाह के एमटीपी किट बेचना गैरकानूनी है। यह ड्रग्स कॉस्मेटिक एक्ट 1940 की भी उल्लंघन है।
बहुत घातक हो सकती हैं किट में शामिल गोलियां
डॉ. संकेत सेतिया के अनुसार एमटीपी किट में मिफेप्रिस्टोन और मिसोप्रोस्टोल की संरचना वाली गोलियां शामिल हैं, जो गर्भावस्था के लिए आवश्यक महिला हार्मोन प्रोजेस्टेरोन को अवरुद्ध करती हैं। ऐसी गोली लेना गंभीर चिंता का विषय है। यह बड़ी जटिलताओं को जन्म दे सकती हैं और कुछ मामलों में घातक साबित हो सकती हैं।
कंपनी से जुड़े लोगों का पता लगाया जाएगा
जांच अधिकारी एएसआई जगबीर सिंह का कहना है कि एमटीपी एक्ट के जिला नोडल ऑफिसर डॉ. संकेत सेतिया की शिकायत पर एमटीपी किट की ऑनलाइन डिलीवरी करने वाली कंपनी के खिलाफ बीएनएस व चिकित्सा गर्भपात अधिनियम 1971 के तहत अभियोग दर्ज कर लिया गया है। मामले की जांच शुरू कर दी गई है। जल्द ही कंपनी से जुड़े लोगों को गिरफ्तार किया जाएगा।