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Sirsa News: किराये के मकान में चल रहा था अवैध नशा मुक्ति केंद्र, संचालक को पकड़ा

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पुलिस द्वारा पकड़ा गया नशा मु​क्ति केंद्र चलाने का आरोपी।
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सिरसा। सुरक्षा शाखा की टीम ने मंगलवार को गुप्त सूचना के आधार पर गांव लोहगढ़ में किराये के मकान में अवैध रूप से चलाए जा रहे नशा मुक्ति केंद्र पर छापेमार कार्रवाई की। इस दौरान यहां 30 पीड़ित पाए गए, जिन्हें रेस्क्यू कर परिजनों के हवाले किया गया है। नशे से पीड़ित व्यक्तियों व उनके परिजनों से नशा छुड़वाने के नाम पर भारी रकम वसूली ली जा रही थी।
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पुलिस ने आरोपी केंद्र संचालक तलवंडी साबो पंजाब निवासी जसवीर सिंह को काबू कर किया है। आरोपी के खिलाफ थाना सदर में अभियोग दर्ज में मामला दर्ज कर कार्रवाई की गई। सुरक्षा शाखा प्रभारी सुभाष चंद्र ने बताया कि मंगलवार को सूत्रों से गुप्त सूचना मिली कि भूपेंद्र सिंह निवासी लोहगढ़ हाल डबवाली का एक रिहायशी मकान लोहगढ़ में है। मकान उक्त आरोपी जसवीर सिंह ने किराये पर ले रखा है। वहां उसकी ओर से फर्जी तौर पर बिना अनुमति व बिना किसी डॉक्टर के नई दिशा ड्रग काउंसलिंग एंड नशा मुक्ति केंद्र के नाम से नशा मुक्ति केंद्र चलाया जा रहा है। नशा मुक्ति केंद्र में हरियाणा के 4, पंजाब के 25, व राजस्थान एक व्यक्ति नशा से पीड़ित व्यक्तियों को नाजायज तौर पर बंदी बनाकर रखा गया है।

21 फरवरी को भी की थी कार्रवाई, 29 नशा पीड़ितों को छुड़वाया था

डबवाली की कबीर बस्ती स्थित एक मकान में अवैध नशा मुक्ति केंद्र चल रहा था। काफी नशा पीड़ितों को बंदी बनाकर रखा गया था। इस मामले में मकान में छापेमार कार्रवाई की थी। इस दौरान यहां पर हरियाणा, पंजाब व राजस्थान के रहने वाले 29 लोग मिले थे। सभी को कमरों बुरी हालत में बंदी बनाकर रखा हुआ था। पुलिस कर्मचारियों ने उक्त सभी को मुक्त कराया और उनके परिजनों के हवाले कर दिया था। संबंधित नशा मुक्ति केंद्र सुरजीत सिंह निवासी गांव जोगेवाला जिला डबवाली व इकबाल सिंह निवासी फूस मंडी जिला बठिंडा पंजाब ने खोल गया था। दोनों को पुलिस ने हिरासत में लिया था। शुरुआती जांच में पता चला था कि यह नशा मुक्ति केंद्र काफी समय से चल रहा था। आरोपी सुरजीत सिंह व इकबाल नशा पीड़ितों के घरवालों को नशा छुड़ाने की गारंटी देते थे। नशा पीड़ित के घरवालों से हर माह 10 से 15 हजार रुपये लिए जाते थे। जांच यह बात भी सामने आई है कि इस केंद्र में नशा पीड़ितों से बहुत ही बुरा बर्ताव किया जाता था। एक कमरे में 8 से 10 लोगों को रखा जाता था। मुक्त कराए गए लोगों ने पुलिस को बताया कि उन्हें दिन में एक बार ही खाना दिया जाता था।
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जिले में चल रहे हैं करीब 50 अवैध केंद्र
गौरतलब है कि प्रदेश में सबसे ज्यादा मादक पदार्थ की तस्करी सिरसा जिले में होती है। यहां नशा पीड़ितों की संख्या बहुत ज्यादा है। इसी कारण काफी लोगों ने मोटा पैसा कमाने के लालच में नशा पीड़ितों को नशे से मुक्ति दिलाने के लिए फर्जी नशा मुक्ति केंद्र खोल रखे हैं। यहां पर नशा पीड़ितों को रखने की एवज में उसके घरवालों से प्रति माह 20 हजार रुपये तक वसूल किए जाते हैं। बताया जाता है कि जिले भर में करीब 50 अवैध नशा मुक्ति केंद्र चल रहे हैं। ये केंद्र राजस्थान व पंजाब सीमा से इलाकों में हैं।
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