स्वास्थ्य विभाग ने दूसरे दिन शुक्रवार को भी बर्फ निर्माता और आरओ वाटर का धंधा करने वालों के प्रतिष्ठान पर छापे मारे। जहां पर व्याप्त गंदगी देखकर टीम में शामिल अधिकारियों के होश उड़ गए। दोनों स्थानों से बर्फ और वाटर के नमूने सील कर प्रयोगशाला भेजे गए। सीएमओ ने सभी आइस फैक्टरी और आरओ वाटर प्लांट वालों को चेतावनी देते हुए कहा कि एक सप्ताह में वे सभी एफएसएसएआई में पंजीकरण करवाए नहीं तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
डिप्टी सीएमओ मलेरिया डॉ. दीप और फूड सेफ्टी आफिसर ब्रजलाल के नेतृत्व में टीम ने सबसे पहले डबवाली रोड पर जस्सा आइस फैक्टरी में छापा मारा।
जहां पर गंदगी के बीच बर्फ तैयार की जा रही थी। फैक्टरी में हर स्थान पर गंदगी थी और बर्फ को भी गंदगी में ही रखा हुआ था। बर्फ जमाने वाले पानी में ब्लीचिंग पाउडर मिलाया जाता है पर वहां पर इसका स्टॉक तक नहीं था यानि वहां पर पानी में कभी से मिलाया ही नहीं गया। यहां से पानी और बर्फ के नमूने सील कर प्रयोग शाला भेजे गए।
इसके बाद में टीम ने बेगू रोड पर हैप्पी आरओ वाटर प्लांट पर छापा मारा। वहां गंदगी देखकर टीम के होश उड़ गए। चारो ओर गंदगी फैली हुई थी। प्लांट के अंदर सीवर होल का ढक्कन खुला हुआ था और वहीं पर कैंपर रखकर पानी भरा जा रहा था। इतना ही नहीं जहां पर कपड़े सुखाये हुए थे उनके नीचे पानी भरे कैंपर रखे हुए थाद्ध पानी की गुणवत्ता के लिए कोई मापदंड नहीं अपनाया जा रहा था। यह जानकारी देते हुए सिविल सर्जन डॉ. वीरेश भूषण ने बताया कि दोनों स्थानों से भरे गए नूमने जांच केलिए प्रयोगशाला भेजे गए हैं। तीन दिन में रिपोर्ट आ जाएगी। उसके बाद ही अगली कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने सभी आइस फैक्टरी और आरओ वाटर प्लांट संचालकों को चेतावनी देते हुए कहा कि वे एक सप्ताह में एफएसएसएआई से पंजीकरण करवा ले नहीं तो उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।