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Sirsa News: मैं हूं सिरसा ...डेरों ने दुनिया में दिलाई पहचान तो नशे का लगा दाग

Sun, 01 Sep 2024 01:00 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
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ताराबाबा कुटिया में बनी भगवान ​शिव की मूर्ति।  संवाद
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गौरव : बेटियों ने ओलंपिक में बढ़ाया देश का मान, उपप्रधान की कुर्सी पर बैठे चौधरी देवीलाल
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कसक : सत्ता में मजबूत भागीदारी रहने के बावजूद नहीं हुआ औद्योगिक विकास

प्रदेश की राजनीति में भी हमेशा रही है हमारी भागीदारी
संवाद न्यूज एजेंसी
सिरसा। मैं हूं सिरसा। 1 सितंबर 1975 मुझे हिसार से अलग हुए आज 49 साल हो गए हैं। मेरे गठन से एक साल पहले ही यहां बेपरवाह मस्ताना महाराज ने डेरा सच्चा सौदा की स्थापना की थी। मेरी ही जमीन गुरुद्वारा चिल्ला साहिब है जहां गुरु नानक आए थे। सरसाईंनाथ के नाम पर ही मेरा नाम सरसा से सिरसा हुआ।
सिरसा ने राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी अलग पहचान बनाई है। जिनमें खेलों से लेकर राजनीति तक शामिल हैं। सिरसा की बेटियों ने ओलंपिक तक सफर तय करने के साथ पदक भी जीते हैं। सरसाई नाथ की इस नगर को धर्म नगरी की अलग पहचान मिली है। देश की सेवा करने वाले उप प्रधानमंत्री चौधरी देवीलाल का यह सपनों का शहर रहा है। चौधरी देवीलाल और चौधरी ओम प्रकाश चौटाला से जैसे मुख्यमंत्री सिरसा ने प्रदेश को दिए हैं। धर्म, खेल , राजनीति में अपनी पहचान छोड़ने वाले सिरसा को औद्योगिक विकास का आज भी इंतजार है। यह कसक सिरसा के लोगों के दिलों में सालों से है।
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सिरसा की पृष्ठ भूमि पर नजर दौड़ाई जाए तो पंजाब और राजस्थान के बीच बसा यह शहर दो संस्कृतियों को अपनाए हुए है। पंजाब और राजस्थान दोनों की भाषाएं सिरसा में बोली जाती है और सांस्कृतिक आदान प्रदान बड़े स्तर पर होता है। व्यापारिक रिश्ता भी सिरसा का राजस्थान और पंजाब के साथ है। मौजूदा समय में सिरसा के युवाओं के लिए दोनों राज्यों के बीच होना सबसे बड़ी परेशानी का सबब बन गया है। हेरोइन और मेडिकल नशे के जद में युवाओं की सांसें अब दम तोड़ने लगी हैं। जो युवा सिरसा का आधार हैं, उनकी रंगों में यह नशा दौड़ने लगा है। अब तो सिरसा जिला की एक ही अभिलाषा है- 50 साल पूरे हो तो जिला नशे से मुक्त हो जाए।

इन्होंने सिरसा का परचम लहराया
सिरसा का नाम खिलाड़ियों में देश और विदेश में खूब चमकाया। हॉकी में सरदारा सिंह, महिला हॉकी में सविता पूनिया ने भारतीय टीम की बागडोर संभाली। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बेहतरीन प्रदर्शन किया। सविता पूनिया सिरसा के जोधकां गांव से हैं और भारतीय हॉकी टीम की गोलकीपर के रूप में खेलती हैं। सविता पुनिया को 2020 ग्रीष्मकालीन ओलंपिक में उनके अभूतपूर्व और उत्कृष्ट प्रदर्शन के कारण भारत की महान दीवार कहा गया। हाल ही में हुए ओलम्पिक खेलों में ऐलनाबाद की तीरंदाज बेटी भजन कौर ने शानदार प्रदर्शन किया है। वहीं भारतीय क्रिकेट टीम में भी डबवाली के खिलाड़ी बरिंद्र सरां ने जगह बनाई है। इसके अलावा एक्रोबेटिक्स में भी सिरसा डेरा सच्चा सौदा के खिलाड़ी प्रतिभा का प्रदर्शन कर चुके है।

कॉमेडी में कमाया नाम, हॉलीवुड तक पहचान
सिरसा के डबवाली से मशहूर कॉमेडियन सुनील ग्रोवर देशभर में मशहूर है। इसी के साथ ही डबवाली क्षेत्र के ही बाल कलाकार नील सेठी ने ही हॉलीवुड की फिल्म जंगल बुक में मुख्य किरदार की भूमिका निभाई और बॉलीवुड में अपनी एक अलग पहचान बनाई।
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धर्मनगरी के रूप में विख्यात सिरसा, चारों दिशाओं में धार्मिक स्थल

सिरसा धर्मनगरी के रूप में विख्यात है, यहां हर एक कोने में देव भवन बने हुए हैं। चारों दिशाओं में धार्मिक स्थल है। डेरा सच्चा सौदा, राधा स्वामी सत्संग ब्यास, डेरा जगमाल वाली, तारा बाबा कुटिया और डेरा बाबा भूमण शाह के साथ ही गुरुद्वारा चिल्ला साहिब सिरसा की तरफ देश-दुनिया का आकर्षण बढ़ाते हैं। इसके अलावा शहर में डेरा बाबा सरसाईंनाथ की मान्यता है।
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