वीरवार को जिला अदालत ने पत्नी की हत्या के आरोप में पति दलबीर सिंह निवासी कंगनपुर को दोषी करार दिया है। साथ ही साक्ष्य मिटाने के आरोप में भाई लखविंदर सिंह व गोपाल को दोषी करार दिया है। अदालत ने आरोपियों को दोषी करार देकर शुक्रवार को सजा सुनाने के लिए फैसला सुरक्षित रख लिया है।
जानकारी अनुसार जिला रायपुर छत्तीसगढ़ के शमशेर सिंह ने शिकायत देते हुए कहा कि हम दो भाई व मेरी तीन बहनें हैं। सबसे छोटी बहन हरप्रीत कौर है। मेरी बहन हरप्रीत कौर की शादी 17 दिसंबर 2006 को दलबीर सिंह निवासी नटार हाल दशमेश नगर कगंनपुर सिरसा के साथ हुई थी। हरप्रीत कौर का एक चार साल का लड़का था। मेरी बहन हरप्रीत व दलबीर की आपस में घरेलू बातों को लेकर मन मुटाव रहता था। हमने एक दो बार आपस में पंचायत करके इन दोनों का मन मुटाव दूर करवा दिया था। 2 अप्रैल 2018 को मेरे बड़े जीजा कुलजीत सिंह निवासी एमआईजी 19 हीरापुर रायपुर छत्तीसगढ़ ने अपने मोबाइल से मेरे जीजा दलबीर सिंह को फोन किया था और हरप्रीत कौर के बारे व परिवार के बारे में पूछा। तब दलबीर सिंह ने कुलजीत सिंह को बताया कि सब ठीक ठाक है। कुछ समय बाद दलबीर सिंह ने मेरे जीजा कुलजीत सिंह के मोबाइल पर अपने मोबाइल से फोन किया और बताया कि हरप्रीत कौर की 28 मार्च 2018 को सुबह हार्ट अटैक आने से मौत हो गई है। जिस पर मेरे जीजा कुलजीत सिंह ने दलबीर सिंह के बड़े भाई लखविंद्र सिंह के मोबाइल पर फोन करके हरप्रीत कौर के बारे में पूछा। लखविंद्र सिंह ने बतलाया कि हरप्रीत कौर की मौत हो गई है। छत्तीसगढ़ से मेरे परिवार के सदस्यों को लेकर मैं सिरसा पहुंचा और दो दिन तक हमने अपने तौर पर मेरी बहन हरप्रीत कौर की मौत के बारे में पता किया तो मुझे पता चला कि 28 मार्च 2018 को सुबह के समय मेरा जीजा दलबीर सिंह ने अपने साथियों के साथ मिलकर मेरी बहन हरप्रीत कौर की मार पिटाई करके व चुन्नी से गला घोंट कर हत्या कर दी। साथ ही अपने दोस्तों के साथ व अपने भाई लखविंद्र सिंह के साथ मिलकर कगंनपुर शमशान घाट में सबूत मिटाने के लिये मेरी बहन की लाश को जला दिया है। अदालत ने वीरवार को मृतका के पति दलबीर सिंह को हत्या के आरोप में दोषी ठहराया।