सिरसा। हरियाणा अध्यापक पात्रता परीक्षा (एचटेट) बुधवार को शुरू हुई। पहले दिन लेवल-3 की दोपहर बाद परीक्षा हुई। 21 परीक्षा केंद्रों में 6,360 परीक्षार्थियों में से 5,564 परीक्षार्थी परीक्षा देने पहुंचे और 796 गैरहाजिर रहे। राजकीय नेशनल कॉलेज में कुछ समय के लिए बायोमेट्रिक सत्यापन में तकनीकी खराबी आई। इस कारण प्रवेश प्रक्रिया में 10 से 15 मिनट की देरी हुई।
ऐसे में परीक्षार्थियों को परेशानी का सामना करना पड़ा। वहीं, 31 जुलाई को लेवल-दो की परीक्षा 40 परीक्षा केंद्रों पर सुबह 10 से साढ़े 12 बजे तक आयोजित होगी। इसमें 11,703 परीक्षार्थी भाग लेंगे। लेवल-एक की परीक्षा 31 जुलाई को 15 परीक्षा केंद्रों पर सायंकालीन सत्र में तीन से साढ़े पांच बजे होगी, जिसमें 4,505 परीक्षार्थी शामिल होंगे।
बुधवार को हुई परीक्षा में हरियाणा के साथ साथ पंजाब व राजस्थान से भी परीक्षा देने के लिए परीक्षार्थी पहुंचे। परीक्षा के दौरान सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद रही। परीक्षा केंद्रों पर दोपहर 12:50 बजे से परीक्षार्थियों की प्रवेश प्रक्रिया शुरू हुई तो बड़े स्तर पर पुलिस कर्मी तैनात रहे। एक बार फिर एचटेट में महिलाओं की भागीदारिता ज्यादा देखने को मिली।
परीक्षा केंद्रों पर जांच की प्रक्रिया सख्त व धीमी रही। इस कारण बड़े स्तर पर परीक्षार्थियों की लाइन देखने को मिली। राजकीय नेशनल कॉलेज के परीक्षा केंद्र पर निर्धारित समय दोपहर दो बजे के बाद भी कुछ परीक्षार्थी पहुंचते रहे। बाद में अधिकारियों ने लाइनों में लगे परीक्षार्थियों को गेट के अंदर भेजकर प्रवेश द्वार बंद कर दिया।
महिला परीक्षार्थियों से उतरवाए कंगन-बालियांं
हर बार की तरह एचटेट में महिला परीक्षार्थियों को रबर बैंड, चूड़ियां, कंगन, बालियां और झुमके आदि उतारने के बाद ही परीक्षा केंद्र में प्रवेश करने दिया गया। महिला परीक्षार्थी परीक्षा केंद्र के बाहर अपने झुमके, बालियां, कंगन और नोज पिन उतारती नजर आईं। महिला इंस्पेक्टर सीमा सोढ़ी सहित अन्य पुलिस अधिकारियों व कर्मचारी पुलिस सुरक्षा में तैनात नजर आए।
बच्चों की जिम्मेदारी पति व परिजनों ने उठाई
हरियाणा अध्यापक पात्रता परीक्षा के पहले दिन राजकीय नेशनल कॉलेज व महिला कॉलेज के परीक्षा केंद्र पर परिजन अपनी जिम्मेदारी बखूबी निभाते नजर आए। खासतौर पर पतियों ने बच्चों को संभालने की जिम्मेदारी निभाई। राजस्थान के हनुमानगढ़ से आए संदीप अपनी पत्नी सोनू को लेवल-3 की परीक्षा दिलाने सिरसा आए। परीक्षा के दौरान संदीप केंद्र के बाहर अपने बच्चों की देखभाल करते नजर आए। वहीं, ओढां से आई एक महिला परीक्षार्थी भी बच्चे पति के सुपुर्द कर परीक्षा देने के लिए गई। इस तरह का नजारा हर परीक्षा केंद्र के बाहर देखा गया।
परीक्षा केंद्रों के आसपास कड़े इंतजाम
परीक्षा केंद्रों के 500 मीटर के दायरे में धारा 163 लागू रही। मोबाइल फोन, पेजर और किसी भी प्रकार के इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के उपयोग पर पूर्ण प्रतिबंध रहा। इसके अलावा, सभी परीक्षा केंद्रों के आसपास फोटोस्टेट की दुकानें और कोचिंग संस्थान बंद रहे, ताकि परीक्षा की पारदर्शिता और नकल-मुक्त आयोजन सुनिश्चित किया जा सके।
परीक्षा केंद्र में परीक्षा के लिए प्रबंध ठीक थे। प्रश्नपत्र भी आसान था कोई मुश्किल वाली बात नहीं थी। जो पढ़ा था उसमें से ही आया है।
- सुमन, अग्रवाल कॉलोनी, सिरसा
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तैयारी के अनुसार परीक्षा आसान थी। कुछ सवाल थोड़े उलझन वाले थे। लेकिन मुझे तो आसान लगा। उम्मीद है कि मेरी परीक्षा तो जरूर पास होगी।
- नीता, खन्ना कॉलोनी, सिरसा।
परीक्षा के दौरान कोई समस्या नहीं आई है। कुछ सवाल जो जनरल जानकारी के थे उसमें थोड़ी समस्या आई थी।
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गुरदित्त सिंह, गांव कमाल, सिरसा।