एक ओर तो प्रदेश सरकार की ओर से खिलाड़ियों को दी जा रही सुविधाओं को लेकर देश में सबसे अच्छी खेल नीति का ढिंढोरा पीटा जा रहा है वहीं दूसरी तरफ स्पैट पास खिलाड़ियों को पिछले छह माह से छात्रवृत्ति ही नहीं दी जा रही है। हर माह छात्रवृत्ति की राह देख रहे जिले के खिलाड़ी दबे स्वर में विरोध जताते नजर आ रहे हैं। कारण है विभाग के पास सरकार की ओर से राशि का सही वक्त पर न आना। खिलाड़ियों को खुराक के लिए उधारी में पैसे मांगने पड़ रहे हैं। ऐसे में चकदे इंडिया का सपना कैसे साकार हो सकता है।
प्रदेश सरकार के खेल विभाग की ओर से वर्ष 2013-14 के लिए पास हुए जिले के खिलाड़ियों को बीते अगस्त माह से छात्रवृत्ति नसीब नहीं हुई है। विभाग की अनदेखी के जिले में ऐसे 62 खिलाड़ी हैं जो विभाग की ओर से दी जाने वाली छात्रवृत्ति की बाट जोह रहे हैं। एक सप्ताह के बाद तो नए वित्तीय वर्ष की शुरुआत हो जाएगी। इतने दिनों बाद अगर राशि मिल भी जाती है तो खिलाड़ियों को अब हो रहे नुकसान की भरपाई नहीं हो पाएगी। नाम न छापने की शर्त पर कुछ खिलाड़ियों ने बताया कि उन्हें खुराक के लिए जानकारों से उधारी मांगनी पड़ रही लेकिन छह महीनों तक राशि न आने से अब उन्हें उधारी मिलनी भी बंद हो गई है। ऐसे में विभाग मैडलों की उम्मीद कैसे कर रहा है।
जारी हो चुकी है राशि
इस बारे में जिला खेल अधिकारी लक्ष्मण सैनी ने बताया कि स्पैट पास खिलाड़ियों को छात्रवृत्ति देने के लिए राशि सेंक्सन हो चुकी है है अब शीघ्र ही खिलाड़ियों के खातों में डाल दी जाएगी। उन्होंने कहा कि विभाग की ओर से हर माह खिलाड़ियों को दी जाने वाली राशि का ब्योरा भेज दिया जाता है। कई बार सेंक्सन होने में समय लग जाता है। बता दें कि स्पैट पास खिलाड़ियों को हर माह खुराक के लिए 15 सौ रुपये विभाग की ओर से दिए जाते हैं।