शनिवार को गांव नागोकी के राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में प्रार्थना सभा के दौरान कई बच्चे गर्मी से बेहोश हो गए। हालांकि बच्चों को प्राथमिक उपचार के बाद घर भेज दिया गया।
शनिवार को अधिकततम तापमान 45.2 और न्यूनतम 29.1 डिग्री सेल्सियिस रहा। गर्मी के तेवर इतने तीखे हो गए हैं कि स्कूलों में बच्चे बेहोश होकर गिरने लगे हैं। दूसरी ओर दोपहर बाद बाजारों में सन्नाटा पसरा रहता है। एक ओर जहां नरमा कपास की बिजाई प्रभावित हो रही है वहीं अगेती फसल झुलस रही है।
शनिवार का तापमान मई माह में अब तक का सबसे अधिक तापमान रहा है। गर्मी से जहां फसलों को नुकसान हो रहा है वहीं गर्मी से लोग बेहाल हैं। राजकीय महावीर दल स्कूल में भी 23 मई को प्रार्थना सभा में कई बच्चे गर्मी से अचेत होकर गिर गए थे। प्रार्थना सभा के दौरान गर्मी व धूप में बचाव के लिए छाया का कोई बंदोबस्त न होने के कारण अकसर बच्चे गर्मी से बेहोश होकर गिरते रहे हैं। वर्तमान में तापमान 45 डिग्री से अधिक पहुंच रहा है। सुबह सात बजे के बाद से ही सूर्यदेव अपनी प्रचंडता दिखाना शुरू कर देते हैं। अगर ऐसे में बच्चे सुबह प्रार्थना सभा में आधा घंटे भी धूप में खड़े रहेंगे तो गर्मी की चपेट में आना स्वाभाविक है। निजी स्कूल अभिभावक संघ के अध्यक्ष महावीर शर्मा ने शिक्षा विभाग से मांग की है कि ऐसे में ग्रीष्मकालीन अवकाश घोषित कर देना चाहिए।
बच्चों की हालत सामान्य होने पर ली राहत की सांस
ओढां (सिरसा)। बड़ागुढ़ा खंड के गांव नागोकी के राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में भीषण गर्मी के चलते करीब आधा दर्जन छात्र-छात्राएं अचेत हो गए। घटना के बाद विद्यालय प्रशासन में हड़कंप की स्थिति देखी गई। प्राथमिक उपचार के बाद सभी विद्यार्थियों की हालत सामान्य होने पर स्टाफ व अभिभावकों ने राहत की सांस ली।
जानकारी के अनुसार राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय नागोकी में शनिवार सुबह प्रार्थना सभा के दौरान अधिक गर्मी होने के कारण कई विद्यार्थी अचानक प्रार्थना सभा के दौरान अचेत होकर गिर गए। अचानक घटित हुई इस घटना के बाद विद्यालय स्टाफ में हड़कंप मंच गया और इसकी सूचना परिजनों को दी गई। जब स्टाफ अचेत छात्राओं की देखभाल कर रहा था तो अचानक कक्षा सातवीं का छात्र इंद्रप्रीत भी अचेत होकर गिर पड़ा। एक के बाद एक छात्रों के अचेत होने से स्टाफ में हड़कंप मचा रहा। स्टाफ ने सभी विद्यार्थियों का उपचार करवाते हुए इसकी सूचना परिजनों को दी तो परिजन आनन-फानन में स्कूल पहुंचे। वहीं, दोपहर करीब 12 बजे कक्षा में बैठी छात्रा अमनदीप कौर भी अचानक अचेत हो गई, जिसके बाद स्टाफ ने गांव के चिकित्सक से प्राथमिक उपचार करवाकर उसे घर भेज दिया। इस घटना के बाद विद्यार्थियों के परिजनों ने मांग करते हुए कहा कि भीषण गर्मी के चलते या तो समय में तबदीली की जाए या फिर प्रार्थना सभा के दौरान समय कम लगाकर पूरा ध्यान दिया जाए।
बच्चे सुबह खाना खाकर नहीं आते, इसलिए हुई घटना
प्रार्थना सभा के दौरान कुछ विद्यार्थी अचेत हो गए थे, जो प्राथमिक उपचार के बाद बिल्कुल स्वस्थ हैं। अक्सर देखा जाता है काफी विद्यार्थी सुबह खाना खाकर नहीं आते और कुछ गर्मी की वजह भी रही, इसलिए ये घटना हुई। सभी विद्यार्थी बिल्कुल स्वस्थ हैं और इसके अलावा कोई बड़ी बात नहीं है।
-प्यारा सिंह, प्राचार्य, राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, नागोकी।