हाईकोर्ट के आदेशानुसार एसडीएम ने बुधवार को रोडवेज डिपो के बाहर से निजी बसें संचालित करने के विरोध में रोडवेज कर्मचारियों द्वारा बुधवार को किया गया। बसों का चक्का जाम वीरवार दोपहर तक जारी रहा। हालांकि बस स्टैंड के बाहर से निजी बसें चलती रहीं, लेकिन सिरसा डिपो की एक भी बस नहीं चली। रोडवेज कर्मियों ने रोष स्वरूप बस स्टैंड के गेट पर धरना-प्रदर्शन कर रोष जताया। बाद में एसडीएम बिजेंद्र सिंह ने दोपहर को धरनास्थल पर पहुंच कर कर्मचारियों को आश्वासन दिया कि 27 मई तक निजी बसों पर रोक लगा दी गई है तथा इसके बाद इसका हल निकाला जाएगा। एसडीएम के आश्वासन के बाद कर्मचारियों ने हड़ताल समाप्त कर दी।
बुधवार को हाईकोर्ट के आदेश पर एसडीएम ने दोपहर एक बजकर 50 मिनट पर सिरसा से डबवाली पहली निजी बस रवाना की, तो रोडवेज कर्मचारियों ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए बस स्टैंड के गेट बंद करते हुए धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया तथा रोडवेज की बसों का चक्का जाम कर दिया। रोडवेज का चक्का जाम होने से यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा। वहीं आज भी रोडवेज का चक्का जाम रहा। सिरसा डिपो की बसों का संचालन प्रभावित रहा। दूसरे डिपों की बसें आईं पर उन्हें बस स्टैंड में नहीं जाने दिया। ऐसे में यात्रियों को बस स्टैंड के बाहर से ही बस में सवार होना पड़ा। उधर, निजी परिवहन समिति की बसें भी विश्वकर्मा चौक से रवाना हुई।
निजी परिवहन परमिट पॉलिसी के विरोध में सरकार के खिलाफ रोष जता रहे रोडवेज तालमेल कमेटी पदाधिकारी रामकुमार चुरनिया, मदनलाल खोथ, भीम सिंह चक्का, चंद्रशेखर धम्मी, सुरजीत अरोड़ा, विनोद कुमार, चमनलाल स्वामी ने कहा कि पिछली बार चक्का जाम के दौरान सरकार ने यूनियन के प्रांतीय प्रधानों से बातचीत कर परिवहन पॉलिसी 2016 को वापस लेने का आश्वासन दिया था, लेकिन सरकार अपने वादे से मुकर गई है और निजी बसें संचालित की जा रही हैं। उन्होंने कहा कि कोर्ट के आदेशों की वे पालना करते हैं और बसों के संचालन पर कोई रोक नहीं लगाएंगे, उनकी लड़ाई सरकार से है, क्योंकि सरकार अपने वादे से मुकरी है। वहीं, आज दोपहर बाद एसडीएम बिजेंद्र सिंह बस स्टैंड पहुंचे तथा धरनारत रोडवेज कर्मचारियों को आश्वासन दिया कि 27 मई तक निजी बसें नहीं चलाई जाएंगी तथा इसका समाधान निकाला जाएगा, जिसके बाद कर्मचारियों ने एक बारगी हड़ताल समाप्त कर दी तथा बसें चला दीं। बसों की हड़ताल समाप्त होने से आमजन ने राहत की सांस ली।