प्रदेश सरकार ने मधुमक्खी पालन को बढ़ावा देने के लिए पहली बार शहद को भावांतर भरपाई योजना में शामिल किया है। इससे शहद उत्पादन करने वाले मधुमक्खी पालकों को बड़े स्तर पर लाभ मिलेगा। बाजार में शहद का उचित मूल्य सुनिश्चित होगा और कीमतों में उतार-चढ़ाव के कारण होने वाले नुकसान से राहत मिलेगी। वहीं, राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर पर शहद के व्यापार को बढ़ावा दिया जाएगा।
शहद की होगी आईबीडीसी कुरुक्षेत्र में जांच
एकीकृत मधुमक्खी पालन विकास केंद्र, रामनगर कुरुक्षेत्र में आवेदनकर्ता मधुमक्खी पालकों के शहद की जांच की जाएगी। शहद की गुणवत्ता का आकलन किया जाएगा। सैंपल फेल आने की स्थिति में शहद को मान्य नहीं किया जाएगा। इतना ही नहीं, बॉक्स में शहद के मानकों को आधार बनाकर ही भावांतर भरपाई योजना का लाभ दिया जाएगा। क्योंकि दूसरे राज्यों से शहद में मिलावट की आशंका भी बनी रहती है।
अधिकारी के अनुसार
जिले के सभी मधुमक्खी पालकों से अपील की है कि वे निर्धारित समय सीमा के भीतर पंजीकरण करवाकर योजना का लाभ उठाएं। योजना से संबंधित अधिक जानकारी के लिए मधुमक्खी पालक किसी भी कार्य दिवस पर जिला उद्यान अधिकारी कार्यालय में संपर्क कर सकते हैं। इसके अतिरिक्त टोल फ्री नंबर 1800-180-2021 पर भी जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। प्रदेश में पहली बार मधु मक्खी पालकों को इस योजना का लाभ मिलेगा। -दीन मोहम्मद, जिला उद्यान अधिकारी, सिरसा।