मौसम बदलने के साथ कुछ बीमारियों का खतरा कम हो रहा है तो कुछ दस्तक दे रही हैं। ये बीमारी है चिकनगुनिया, जिसने देश के बड़े शहरों में दहशत का माहौल पैदा कर रखा है। सिरसा में भी इस बीमारी ने पैर पसारने शुरू कर दिए हैं। जिले में चिकनगुनिया से ग्रस्त एक रोग सामने आया है। जिसका नागरिक अस्पताल में उसका उपचार चल रहा है।
जानलेवा चिकनगुनिया का सिरसा में यह पहला केस है और इसे शुरुआत कह सकते हैं। स्वास्थ्य विभाग भी इस बीमारी से निपटने के लिए कमर कस चुका है। सिरसा में अभी तक डेंगू के छह मामले सामने आए हैं। चिकित्सकों का कहना है कि सर्द मौसम के साथ डेंगू और मलेरिया का खतरा धीरे-धीरे कम होता जाता है। स्वास्थ्य विभाग ने डेंगू व मलेरिया से निपटने के लिए सारे इंतजाम काफी पहले कर लिए थे और सिविल अस्पताल में स्पेशल दो वार्ड स्थापित किए गए हैं। चिकनगुनिया भी मच्छर से फैलने वाली बीमारी है। चिकनगुनिया शरीर को बुरी तरह से तोड़ के रख देने वाला वायरल बुखार है लेकिन जानलेवा नहीं है। यह बीमारी मादा एडिस मच्छर के काटने से होता है। यह विषाणु ठीक उसी लक्षण वाली बीमारी पैदा करता है जिस प्रकार की स्थिति डेंगू रोग मे होती है।
चिकनगुनिया के लक्षण
तीन से सात दिनों के अंदर बुखार और जोड़ों के दर्द के रूप में दिखाई देने लग जाते हैं। इस रोग को शरीर में आने के बाद 2 से 4 दिन का समय फैलने मे लगता है। रोग के लक्षणों में 102.2 डिग्री तक बुखार रहता है।
शरीर के विभिन्न जोड़ों में दर्द होना शुरू हो जाता है। बहुत ज्यादा थकान महसूस होती है।
शरीर के कई हिस्सों सहित हाथों और पैरों पर चकत्ते बनने लगते हैं।
सिरदर्द, रोशनी से डर लगना, आंखों में समस्या होना, कमजोरी आना और नींद ना आने जैसी शिकायतें होने लगती हैं।
मांसपेशियों में दर्द, जोड़ों में सूजन जैसे लक्षण भी नजर आते हैं।
आम तौर पर ये सभी लक्षण 5 से 7 दिन तक रहते हैं लेकिन रोगियों को लंबे समय तक जोड़ों में दर्द रह सकता है कई बार ये रोगी की उम्र पर निर्भर करता है।
सावधानी ही बचा सकती है
अपने घर में और आसपास के क्षेत्रों में साफ-सफाई का खास ध्यान रखें।
बारिश में कई जगहों पर पानी इकट्ठा हो जाता है और मच्छरों को इसी पानी में पनपने का मौका मिल जाता है। आप कोशिश करें कि आपके आसपास कहीं भी पानी जमा ना हो।
घर में मौजूद पानी की टंकियों, बर्तनों को ढककर रखें और जरूरी ना हो तो पानी को एकत्र करके ना रखें।
घर में और घर के आसपास मच्छर निरोधी छिड़काव करवाएं, इससे आप मच्छरों से आसानी से बच पाएंगे।
कूलरों की समय-समय पर सफाई करते रहें। सप्ताह में एक दिन कूलर को सूखा रहने दें।
घर के आसपास की नालियों को जरूर साफ करवाएं। बेशक, चिकनगुनिया का मच्छर साफ पानी में पनपता हैं लेकिन बहुत दिनों तक जमा पानी सेहत के लिए नुकसानदायक हैं।
इस मौसम में शरीर को पूरी तरह से ढककर रखें और पूरी बाजू के कपड़े पहनकर रखें। घबराएं नहीं, सावधानी बरतें
घबराने की आवश्यकता नहीं है, क्योंकि चिकन गुनिया जानलेवा नहीं है। नवजात बच्चे जो जन्म से पीड़ित हों, 65 साल से ज्यादा उम्र के लोग, हाई ब्लड प्रेशर, डायबिटीज या दिल के रोगों वाले लोगों को अतिरिक्त सावधानी बरतनी चाहिए। सिविल अस्पताल में उपचार के तमाम प्रबंध मौजूद हैं। लक्षण सामने आने पर तुरंत सिविल अस्पताल में आकर जांच करवाएं।
- डॉक्टर दीप, जिला मलेरिया अधिकारी एवं डिप्टी सीएमओ।