सिरसा में बुधवार शाम को तेज हवा के साथ बरसात हुई। वहीं रानियां क्षेत्र में बारिश के साथ हुई ओलावृष्टि से खंड के गांवों में धान की फसलों को काफी नुकसान हुआ है। गई। बारिश के कारण जिले में बिजली आपूर्ति प्रभावित रही। अमृतसर खुर्द, संतनगर, जीवननगर, बालासर, महमदपुरिया से होते हुए अनेक गांवों में फसलों पर ओलावृष्टि आफत बनकर बरसी। वहीं बारिश से गांव फिरोजाबाद, ओटू, रानियां, ढाणी संता सिंह, ढाणी सतनाम सिंह, थेडी मोहर सिंह, नगराना, रामपुरथेडी, नकौडा, हरीपुरा, दमदमा, करीवाला, बणी, खारियां, नानुआना, मंगालिया, फतेहपुरिया सहित अनेक गावों में बरसात से फसलें प्रभावित हुईं। प्रतिकूल मौसम की मार झेल रहे किसानों को अब बेमौसम ओलावृष्टि, बरसात व आंधी ने दोहरी मार मारी है। ओलावृष्टि के साथ-साथ बरसात व आंधी से जनजीवन प्रभावित हो गया। बेमौसम बरसात किसानों पर आफत बन कर बरसी। बरसात के साथ चली तेज हवाओं ने फसलों को जमीन पर लेटा दिया है।
खड़ी फसल को हुआ नुकसान
ओलावृष्टि से बारिश से खेतों में खड़ी फसल में पानी भर गया और पकने को तैयार खड़ी बासमती की किस्म 1401 की फसल गिर गई। बारिश से किसानों को खासा नुकसान होने की आशंका जताई जा रही है, हालांकि देर रात तक नुकसान का आंकलन नहीं हो सका। शाम के समय पहले हलकी बौछारें भी आईं लेकिन कुछ समय के पश्चात ओलावृष्टि, बरसात व आंधी शुरू हो गई। आसमान में छाई काली घटा लगातार गहराने लगी और बरसात शुरू हो गई।
बरसात से उत्पादन गिरेगा, पडे़गी दोहरी मार
किसान गुरमीत सिंह, राम सिंह, सुखविंद्र सिंह, नव विर्क, अजयपाल बाजवा, रमेश कुमार, बृज लाल, चंपा लाल, राजेश कुमार आदि की मानें तो बासमती वेरायटी 1401 की फसल को भारी नुकसान हुआ है। किसानों का कहना है कि खेतों में पानी भरने से किसान अपनी धान की कटाई समय पर नहीं कर पाएंगे। किसान पहले से ही मौसम की मार से परेशान थे। अगस्त के अंत व सितंबर के मध्य तक पड़ी गर्मी के बाद अब बेमौसम बरसात से किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें डाल गई हैं। कई गांवों में तेज हवाओं के साथ पड़ी बरसात में धान की बालियां झड़ चुकी हैं। बरसात का असर अगले दिनों में सामने आ सकता है। धान की गुणवत्ता पर भी असर पड़ सकता है। दाने काले पड़ने की आशंका जताई जा रही है। क्षेत्र में तेज हवा के कारण अभी करीब 30 हजार हेक्टेयर फसलों को नुकसान हो सकता है।
पराली जलाने पर 17 किसानों पर एफआईआर दर्ज
डीसी प्रभजोत सिंह ने बुधवार को डबवाली में सरपंचों, नंबरदारों, पटवारी औछर ग्राम सचिव की बैठक ली। डीसी ने उन्हें किसानों को ज्यादा से ज्यादा जागरूक करने के लिए कहा। साथ ही अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे पराली जलाने पर तुरंत फायर बिग्रेड की गाड़ी से बुझाएंगे और इसकी सूचना प्रशासन को देंगे। इधर प्रशासन ने पराली जलाने पर बुधवार को करीब 11 किसानों के खिलाफ मामले दर्ज करवाए। जिले में अब तक कुल 17 किसानों के खिलाफ पराली जलाने पर मामले दर्ज हो चुके हैं। वहीं पराली जलाने की घटनाएं कुल 271 हो गई हैं। जबकि बीते दिन 236 जगहों पर पराली जलाई गई थी।