सिरसा जिले में शनिवार को भीषण गर्मी ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित किया। दोपहर में तापमान 45 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जिससे लोगों का घरों से बाहर निकलना मुश्किल हो गया। हालांकि शाम को आई तेज आंधी से कुछ राहत जरूर मिली, लेकिन बिजली आपूर्ति बाधित होने से लोगों की परेशानी और बढ़ गई।
शनिवार को सिरसा जिले में सुबह से ही गर्मी ने कहर बरपाया। दोपहर में लू के चलते सड़कों पर सन्नाटा पसरा रहा। शाम करीब छह बजे के बाद आसमान में अचानक काले बादल छा गए और तेज आंधी चलने लगी। लोगों को उम्मीद थी कि बारिश होगी, लेकिन बारिश नहीं हुई। तेज आंधी का असर खासतौर पर डबवाली क्षेत्र में ज्यादा देखने को मिला, जहां कई इलाकों में बिजली आपूर्ति बाधित हो गई। सबसे अधिक परेशानी दुपहिया वाहन चालकों को हुई, जिन्हें तेज हवा और उड़ती धूल का सामना करना पड़ा।
उधर, किसानों ने भी चिंता जताई है। उनका कहना है कि खरीफ फसलों के लिए हल्की बारिश जरूरी थी, लेकिन आंधी ने खेतों की ऊपरी मिट्टी को और अधिक सूखा कर दिया, जिससे फसलों को नुकसान होने की आशंका है।
उपायुक्त ने की सावधानी बरतने की अपील
जिला उपायुक्त शांतनु शर्मा ने भीषण गर्मी को देखते हुए लोगों से सावधानी बरतने की अपील की है। उन्होंने कहा है कि महिलाएं दोपहर के अत्यधिक गर्म समय में खाना न बनाएं। साथ ही यह भी कहा कि प्यास न लगे तब भी पानी पीते रहें, ताकि शरीर में पानी की कमी न हो।
बिजली कटौती बनी बड़ी समस्या
गर्मी के साथ-साथ बिजली कटौती ने लोगों की परेशानी को दोगुना कर दिया है। शनिवार को शहर के कई इलाकों में दिनभर बिजली की ट्रिपिंग और वोल्टेज की समस्या बनी रही। कई क्षेत्रों में 7-8 बार बिजली कटौती हुई, जिससे लोग परेशान हो उठे।
स्थानीय लोगों ने बताया कि गर्मी में बिना बिजली एक पल रहना भी मुश्किल हो गया है। बिजली कट के चलते न तो पंखे चल पा रहे हैं और न ही कूलर या एसी। ऊपर से वोल्टेज में उतार-चढ़ाव के कारण घरों के इलेक्ट्रॉनिक उपकरण भी खराब होने के कगार पर हैं।
कुछ क्षेत्रों में तो तीन घंटे तक लगातार बिजली बंद रही, जिससे लोगों को दिन का सुकून और रात की नींद दोनों से हाथ धोना पड़ा।