जिला सामान्य अस्पताल में बनी नर्सरी में नवजात बच्चों का उपचार किया जाता है। नर्सरी में रहने के दौरान बच्चों के टेस्ट किए जाते हैं, कुछ टेस्ट जो कि नागरिक अस्पताल में बनी लैब में नहीं होते थे। नागरिकों को सुविधा देते हुए नागरिक अस्पताल की नर्सरी में दाखिल सभी बच्चों के टेस्ट स्वास्थ्य विभाग द्वारा निजी लैब से करवाए जाएंगे। स्वास्थ्य विभाग का तीन निजी लैब के साथ अनुबंध हो चुका है। नर्सरी के डॉक्टर मरीज को रिपोर्ट वेरिफाई करवाने के लिए निजी लैब में भेजते थे, जबकि एक बार मरीज की जांच अस्पताल में बनी लैब में ही होती थी। अभी तक एक साल में अस्पताल की नर्सरी में 1126 बच्चे भर्ती हुए हैं। बच्चों के ब्लड सेल, किडनी, बलीवर टेस्ट, पीलिया, यूरीन टेस्ट सामान्य होते हैं।
जिले के सिविल अस्पताल सिरसा में 17 बेड की नवजात बच्चों के लिए एक नर्सरी है। नर्सरी में करीब एक समय में 34 बच्चों को दाखिल किया जाता है। नर्सरी में भर्ती हुए बच्चों के टेस्ट पहले तो सिविल अस्पताल की लैब से करवाए जाते थे, जिसके बाद एक बार दोबारा वही जांच निजी लैब से करवाई जाती थी। जिसके बाद चिकित्सक दोनों रिपोर्ट को मिलाते थे। निजी लैब से होने वाले टेस्ट के पैसे मरीज को देने पड़ते थे, लेकिन अब ऐसा नहीं होगा। अब बच्चे का जो भी टेस्ट निजी लैब से करवाने होंगे, उसके बिल का भुगतान सिविल अस्पताल द्वारा किया जाएगा और डॉक्टर मरीज की पर्ची पर टेस्ट लिखेंगे। जिसका भुगतान सिविल अस्पताल द्वारा ही किया जाएगा। ऐसे में शहर की तीन निजी लैब के साथ स्वास्थ्य विभाग का अनुबंध हुआ है। जब नर्सरी से बच्चे को टेस्ट के लिए लेकर जाएंगे उस समय डॉक्टर मरीजों को बताएंगे कि वह कौन सी लैब से बच्चे की जांच करवाएं, जिससे मरीजों के पैसे न लगे।
जच्चा बच्चा सभी के टेस्ट होंगे मुफ्त
सिविल अस्पताल में अभी तक 1126 बच्चे नर्सरी में भर्ती हुए हैं। जिनमें 545 बच्चों का जन्म सिविल अस्पताल के जनाना वार्ड में ही हुआ है और 495 बच्चे अन्य अस्पताल से नर्सरी में भर्ती करवाए गए हैं। अनुबंध के अनुसार शहर की तीन लैब से महिला तथा उसके बच्चे के सभी टेस्ट जो अस्पताल की लैब में नहीं करवाए जाते वह बिलकुल मुफ्त किए जाएंगे। सीएमओ डॉ. सुरेंद्र नैन का कहना है कि जच्चा बच्चा का डिलीवरी से पहले तथा बाद में जो भी टेस्ट होगा उसका भुगतान स्वास्थ्य विभाग द्वारा ही किया जाएगा।
सिविल अस्पताल की लैब पर उठे थे सवाल
बीती नौ अगस्त 2019 को अमर उजाला ने यह मुद्दा उठाया था कि सिविल अस्पताल में बनी नर्सरी में डॉक्टर अस्पताल की लैब से बच्चे के टेस्ट करवाने के बावजूद भी बाहर निजी लैब में वही टेस्ट दोबारा करवाते थे। जिसके पूरे पैसे का निर्वहन मरीज द्वारा ही किया जाता था।
जच्चा बच्चा के लिए जो भी टेस्ट होने हैं वह निजी लैब में भी मुफ्त किए जाएंगे। स्वास्थ्य विभाग का जिले की तीन लैब से अनुबंध हुआ है। किसी भी मरीज को परेशान नहीं किया जाएगा। गर्भवती महिलाएं अस्पताल की एंबुलेंस का प्रयोग करें। अगर किसी को भी एंबुलेंस की जरूरत हो तो 108 पर संपर्क कर सकता है।
-डॉ. सुरेंद्र नैन, सीएमओ, सिविल अस्पताल सिरसा।