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Sirsa News: देसूजोधा में संक्रमण पर प्रशासन अलर्ट, स्वास्थ्य विभाग की टीम ने शुरू किया डोर-टू-डोर सर्वे

Tue, 04 Aug 2026 11:11 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
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पानी के सैंपल लेते जनस्वास्थ्य विभाग कर्मी। विभाग
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देसूजोधा में पीलिया का प्रकोप : 26 से अधिक लोग बीमार, 440 घरों का सर्वे, 41 सैंपल जांच के लिए भेजे
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दूषित पानी और खराब सफाई व्यवस्था को लेकर ग्रामीणों ने उठाए सवाल, विभागों ने संभाला मोर्चा
फोटो 14,15,16

संवाद न्यूज एजेंसी
डबवाली। उपमंडल के गांव देसूजोधा में पिछले एक सप्ताह से सामने आ रहे पीलिया और लीवर संक्रमण के मामलों ने ग्रामीणों की चिंता बढ़ा दी है। गांव में अब तक 26 से अधिक बच्चे, युवा और महिलाएं संक्रमण की चपेट में आ चुके हैं। कई मरीजों का उपचार डबवाली के नागरिक अस्पताल, निजी अस्पतालों तथा बठिंडा के विभिन्न अस्पतालों में चल रहा है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए ओढ़ां सामुदायिक केंद्र की टीम ने मंगलवार को गांव देसूजोधा का निरीक्षण किया। 440 घरों का टीम ने निरीक्षण किया और 41 घरों से सैंपल लिए हैं। इन सैंपलों की हेपेटाइटिस-बी, हेपेटाइटिस-सी और अन्य आवश्यक जांच करवाई जाएगी।
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इस मामले में जन स्वास्थ्य विभाग की टीम ने सोमवार को जांच की थी। इनमें मानक पूरे पाए गए थे। हालांकि, कुछ घरों के निजी कनेक्शनों के लीक होने की वजह से पानी दूषित होने की बात सामने आई थी।
ग्रामीणों के अनुसार, गांव में लंबे समय से सफाई व्यवस्था संतोषजनक नहीं है। नालियां कचरे से भरी पड़ी हैं और कई स्थानों पर पेयजल पाइपलाइन क्षतिग्रस्त होने के कारण लीकेज की समस्या हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि कई जगहों पर खराब टोंटियों और लीकेज के कारण पेयजल सप्लाई में गंदा एवं बदबूदार पानी आने की शिकायतें मिल रही थीं।
ग्रामीणों ने बताया कि निजी लैब की जांच रिपोर्टों में कई मरीजों के बिलीरुबिन, एसजीओटी और एसजीपीटी का स्तर सामान्य से काफी अधिक पाया गया है जो पीलिया और लीवर संक्रमण को दर्शाते हैं। कई बच्चों सहित अन्य मरीजों का उपचार अभी भी जारी है।
गांव के सरकारी स्कूल की पेयजल व्यवस्था की जांच मंगलवार को ग्रामीणों ने की। ग्रामीण स्कूल में पहुंचे तो वहां पर लगे आरओ सिस्टम में फिल्टर ही नहीं लगा हुआ था। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि बच्चों को टंकी का सीधा पानी पिलाया जा रहा था जो स्वास्थ्य के लिए खतरा होता है।
टंकी की कब सफाई हुई है और उसमें साफ पानी चढ़ाया गया है या दूषित पानी। इसकी कोई जानकारी दर्ज नहीं होती है। इसके बाद पंचायत प्रतिनिधियों ने स्कूल पहुंचकर बच्चों को स्वच्छ पानी पीने और संक्रमण से बचाव के प्रति जागरूक किया तथा वाटर कूलरों की जांच की।
एसडीओ ने कहा कि सुरक्षित और स्वच्छ पेयजल उपलब्ध करवाना विभाग की प्राथमिकता है। ग्रामीण किसी भी स्थान पर पाइपलाइन टूटने, लीकेज या गंदे पानी की शिकायत मिलने पर तुरंत विभाग को सूचित करें, ताकि समय रहते समाधान किया जा सके।
उन्होंने बताया कि गांव में पेयजल आपूर्ति के लिए डाली जा रही नई पाइपलाइन का कार्य करीब 90 प्रतिशत पूरा हो चुका है। अगले 20 से 25 दिनों में कार्य पूरा होने के बाद पुराने कनेक्शन बंद कर नई पाइपलाइन से पेयजल आपूर्ति शुरू कर दी जाएगी।
विभागों ने शुरू किए सुधारात्मक कदम
मामले की गंभीरता को देखते हुए जनस्वास्थ्य विभाग और स्वास्थ्य विभाग की टीमें सक्रिय हो गई हैं। जन स्वास्थ्य विभाग की टीम ने गांव के अंदर पेयजल पाइपलाइन और टोटियों के लीकेज को ठीक करने का काम शुरू कर दिया गया है ताकि दूषित पानी की संभावना को समाप्त किया जा सके।
ये बरतें सावधानी
डॉ. जैन ने ग्रामीणों से अपील की कि वे केवल साफ, उबला हुआ या अच्छी तरह फिल्टर किया हुआ पानी ही पीएं। पानी को ढककर रखें, खुले बर्तनों में लंबे समय तक पानी न रखें और संदिग्ध स्थिति में पानी को 15 से 20 मिनट तक उबालकर ही उपयोग करें। उन्होंने कहा कि भोजन बनाने और बच्चों को पानी पिलाने में विशेष सावधानी बरतें। खाने से पहले और शौच के बाद साबुन से हाथ धोना जरूरी है। आंखों या शरीर में पीलापन, तेज बुखार, उल्टी, भूख कम लगना या अत्यधिक कमजोरी जैसे लक्षण दिखाई देने पर तुरंत स्वास्थ्य केंद्र में जांच करवाएं।

गांवों में स्वास्थ्य विभाग और जन स्वास्थ्य विभाग की टीमें कर रही हैं जांच
देसूजोधा के सरपंच चरणजीत सिंह ने बताया कि पिछले कुछ दिनों से गांव में दूषित पानी आने की शिकायतें मिल रही थीं। इसकी जानकारी स्वास्थ्य विभाग और जनस्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को तुरंत दी गई। उन्होंने बताया कि स्वास्थ्य विभाग की टीम गांव में जांच कर चुकी है और चिह्नित मरीजों का उपचार जारी है। वहीं, जनस्वास्थ्य विभाग ने भी लीकेज को ठीक करने का कार्य शुरू कर दिया है। उन्होंने कहा कि पंचायत लगातार ग्रामीणों और स्कूलों में स्वच्छ पानी के उपयोग तथा संक्रमण से बचाव को लेकर जागरूकता अभियान चला रही है।
440 घरों का किया गया सर्वे, 41 सैंपल जांच के लिए भेजे
ओढ़ा के एसएमओ डॉ. सुमित जैन ने बताया कि पीएचसी देसूजोधा की टीम ने गांव के करीब 440 घरों का डोर-टू-डोर सर्वे किया है। सर्वे के दौरान कुछ घरों में पीलिया और लीवर संक्रमण के मामले सामने आए हैं। उन्होंने बताया कि स्वास्थ्य विभाग ने करीब 41 सैंपल लेकर हेपेटाइटिस-बी, हेपेटाइटिस-सी और अन्य आवश्यक जांचों के लिए लैब भेजे हैं। रिपोर्ट आने के बाद स्थिति के अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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पानी की जांच में मानक पूरे मिले : जनस्वास्थ्य विभाग
जनस्वास्थ्य विभाग के एसडीओ विशाल ज्यानी ने बताया कि विभाग की टीमें लगातार गांव में पेयजल व्यवस्था की निगरानी कर रही हैं। विभाग द्वारा विभिन्न स्थानों से पानी के नमूने लेकर जांच की गई जिसमें पानी क्लोरीन युक्त और निर्धारित मानकों के अनुरूप पाया गया है। उन्होंने बताया कि जांच के दौरान कुछ घरों के निजी कनेक्शनों में लीकेज मिले थे। उन्हें ठीक कर दिया गया है। इसके अलावा, 20 से 22 घरों से पानी के नमूने लेकर प्रयोगशाला भेजे गए हैं जिनकी रिपोर्ट आने के बाद आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
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