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हरियाणा सिख गुरुद्वारा मैनेजमेंट कमेटी के चुनाव आगामी दो माह में हो जाएंगे : औलख

Sun, 03 Nov 2024 11:57 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
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संवाद न्यूज एजेंसी
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सिरसा। हरियाणा सिख गुरुद्वारा मैनेजमेंट कमेटी के चुनाव आगामी दो माह में हो जाएंगे। इसकी आधिकारिक घोषणा हरियाणा सिख गुरुद्वारा चुनाव आयोग द्वारा जल्दी की जाएगी। यह आश्वासन रविवार को हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने हरियाणा सिख एकता दल के प्रतिनिधिमंडल को दिया। मुख्यमंत्री निवास कबीर कुटीर पर हरियाणा के सिख समाज के मुद्दों पर चर्चा के लिए उन्हें विशेष रूप से बुलाया गया था।
किसान नेता लखविंद्र सिंह औलख ने बताया कि बैठक में मुख्यमंत्री सैनी ने कहा कि हर जिले के उपायुक्त को नोडल अधिकारी बना दिया गया है। उन्होंने सिख समाज से अपील की कि वे जल्दी से जल्दी अपनी वोट बनवाएं, जिसकी प्रक्रिया चल रही है। मुख्यमंत्री ने सिख समाज की बाकी मांगों पर भी सकारात्मक रुख दिखाते हुए उनके जल्दी हल का यकीन दिलाया।
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औलख ने मुख्यमंत्री के समक्ष 2020 में सिरसा जिले के संतनगर गांव में ग्रंथ साहिब की बेअदबी के खिलाफ शांतिपूर्वक प्रदर्शन कर रहे 14 सिखों पर ऐलनाबाद में देशद्रोह व अन्य धाराओं में दर्ज मुकदमे की बात रखी। इस पर मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को मुकदमा रद्द करने की कार्रवाई के आदेश दिए।
बैठक में हरियाणा सिख एकता दल की ओर से लखविन्द्र सिंह औलख, प्रीतपाल सिंह पन्नु, जगदीप सिंह औलख, गुरतेज सिंह खालसा, अमरजीत सिंह मोहड़ी अंबाला, जत्थेदार अवतार सिंह चक्कु, शरणजीत सिंह सौंथा कैथल, सुखविंदर सिंह झब्बर, अमृत सिंह बुग्गा, एडवोकेट गुरतेज सिंह सेखों कुरुक्षेत्र, कुलविंदर सिंह गिल हिसार, मनदीप सिंह फतेहाबाद, सुखदीप सिंह कुरुक्षेत्र, सरबजीत सिंह बत्रा यमुनानगर, सुखविंदर सिंह चम्मू और पानीपत से तेजिंदर सिंह ने मुख्यमंत्री को सिख समाज की मांगों का ज्ञापन सौंपा। बैठक में मुख्यमंत्री के मुख्य प्रधान सचिव राजेश खुल्लर, ओएसडी भारत भूषण भारती और ओएसडी प्रभलीन सिंह भी मौजूद रहे।


मांग पत्र में शामिल मांगें:
-हरियाणा सिख गुरुद्वारा मैनेजमेंट कमेटी के चुनाव की तिथि घोषित की जाए और नए वोट बनाने की प्रक्रिया को सरल कर ज्यादा से ज्यादा वोट बनाए जाएं।
-श्री गुरु ग्रंथ साहिब की बेअदबी के खिलाफ सख्त कानून बनाया जाए।
-गुरु ग्रंथ साहिब की बेअदबी के खिलाफ शांति पूर्वक प्रदर्शन कर रहे सिरसा जिले के 14 सिखों पर ऐलनाबाद में देशद्रोह व अन्य धाराओं में दर्ज मुकदमे को रद्द किया जाए।
-सजा पूरी कर चुके बंदी सिखों की रिहाई के लिए केंद्र सरकार तक हरियाणा के सिखों की भावना को पहुंचाया जाए।
-पंजाबी भाषा को पूर्ण रूप से द्वितीय भाषा का दर्जा देने के लिए सरकारी व प्राइवेट स्कूलों में पंजाबी अध्यापकों की भर्ती की जाए।
-सभी विभागों में पंजाबी ट्रांसलेटर व टाइपिस्ट की भर्ती की जाए।
-हरियाणा सरकार में सिख समाज का कोई प्रतिनिधित्व नहीं है। सिख समाज को प्रतिनिधित्व दिया जाए।
-राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग, राष्ट्रीय अनुसूचित जाति जनजाति आयोग, राष्ट्रीय पिछड़ा आयोग में भी हरियाणा के सिखों को लिया जाए।
-हरियाणा में अल्पसंख्यक आयोग का गठन किया जाए।
-सोशल मीडिया पर सिख समाज व गुरुओं के प्रति भद्दी शब्दावली व किसी भी समुदाय के प्रति गलत पोस्ट में तुरंत कार्रवाई के लिए हर जिले में पुलिस विभाग की विशेष टीम बनाई जाए।
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-सिख बच्चों को परीक्षाओं में ककार, कड़ा आदि पहनने से न रोकने के लिए स्पष्ट निर्देश जारी किए जाएं।
-हर जिले में सिख समाज को अन्य समुदायों की तरह अपनी धर्मशाला, सामुदायिक केंद्र बनाने के लिए स्थान दिए जाएं।
-पूर्व बीजेपी सरकार द्वारा की गई घोषणाओं, जिनमें गुरु गोबिंद सिंह जी के नाम पर विश्वविद्यालय, गुरु तेग बहादुर जी के नाम पर कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय में चेयर बनाना और कुरुक्षेत्र में सिख समाज के लिए घोषित तीन एकड़ जमीन देना शामिल है, को पूरा किया जाए।
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