हरियाणा रोडवेज के सिरसा डिपो बुधवार को दिल्ली रूट पर जाने वाले यात्रियों को बहुत परेशानी झेलनी पड़ी। डीजल के अभाव में पांच बसें निर्धारित समय पर नहीं चल पाई और चालक-परिचालक को यात्रियों के गुस्से का शिकार होना पड़ा। रोडवेज कर्मशाला स्थित सरकारी पंप पर बुधवार सुबह डीजल खत्म हो गया। जिसके कारण दिल्ली की ओर जाने वाली बसें रवाना नहीं हो सकीं। रोडवेज चालक-परिचालक डीजल का इंतजार ही करते रहे, जबकि गर्मी में यात्रियों का बुरा हाल हो गया। यात्रियों को देरी से दूसरे डिपो की बसों में सवार होकर रवाना होना पड़ा। गौरतलब है कि रोडवेज कर्मशाला में पैट्रोल पंप बना हुआ है। इसी से सरकारी बसों को डीजल की आपूर्ति की जाती है। रोडवेज की बसें अपने गंतव्य पर रवाना होने से पहले इसी पंप से डीजल भरवाकर चलती हैं, ताकि डीजल के अभाव में उन्हें रास्ते में न रुकना पडे़ और न ही उन्हें प्राइवेट पेट्रोल पंपों से डीजल खरीदना पडे़। सुबह रोडवेज के पंप में डीजल खत्म हो गया। जिसके कारण दिल्ली की ओर जाने वाली पांच बसें तीन से चार घंटे की देरी से चली। इसके अलावा राजस्थान और पंजाब रोडवेज की बसों को डीजल के लिए दूसरे डिपुओं से तेल भरवाने की सलाह दी गई।
कंडक्टर जानबूझ कर करते हैं देरी
डिपों में डीजल का टैंकर भरा पड़ा था, टैंकर से पंप के तेल टैंक में डीजल डालने में देरी हुई। इसका कारण टैंक को साफ करना था, बसों के कंडक्टरों को पहले ही बता दिया गया था कि फतेहाबाद तेल भरवा लेना लेट होने की जरूरत नहीं। इसके बावजूद कंडक्टर जानबूझ कर तेल के लिए खड़े रहे। कोई बस तेल के अभाव में खड़ी नहीं रही। हां, देरी से दिल्ली के लिए रवाना हुई है।
-रामकुमार, महाप्रबंधक डिपो सिरसा।
डिपो प्रशासन है लापरवाह
सिरसा डिपो पंप दो तेल टैंक हैं, लेकिन काफी समय से एक टैंक में लीकेज है। इस कारण एक टैंक से ही काम चलाया जा रहा है। लंबे रूट पर जाने वाले बसों को तेल की ज्यादा जरूरत होती है। तेल खत्म होने से दिल्ली रूट की पांच बसें नहीं चल पाईं। दोपहर ढाई बजे के बाद भी प्राइवेट तेल कैंटर मंगवाया गया। इसमें भी तेल निर्धारित मात्रा से कम निकला। दूसरे डिपो से तेल भरवाने में काफी टाइम लगता है और पेमेंट नगद ही करनी होती है। सिरसा डिपो प्रशासन की लापरवाही के चलते ही ये समस्या पैदा हुई है।
-रणजीत बाजवा, जिला प्रधान हरियाणा रोडवेज कर्मचारी संघ, सिरसा।