निजी बसों के परमिट को लेकर एक बार फिर से रोडवेज कर्मचारी और प्राइवेट बस संचालक आमने-सामने हो गए। बुधवार सुबह सिरसा से डबवाली के लिए जब निजी बस चली तो रोडवेज कर्मचारियों ने इसका विरोध जताते हुए बस स्टैंड के गेट बंद कर रोडवेज का चक्का जाम कर दिया। जिससे दो घंटे तक यात्री परेशान रहे। बाद में आरटीओ ने मौके पर पहुंचकर प्रदर्शनकारियों को 15 दिन में इस समस्या का समाधान करने का आश्वासन देते हुए गेट खुलवाए। दूसरी ओर प्राइवेट बस संचालकों ने इस मामले को लेकर उपायुक्त को ज्ञापन सौंपा और रोडवेज कर्मचारियों पर मनमानी करने के आरोप लगाए।
निजी बसों के परमिट को लेकर पिछले एक माह से रोडवेज कर्मचारी और प्राइवेट बस संचालकों के बीच विवाद चला आ रहा है। रोडवेज कर्मचारी अवैध रूप बसें चला रहे प्राइवेट बसों को बंद करने और संचालकों पर कार्रवाई की मांग को लेकर कई बार धरना प्रदर्शन कर चुके हैं। एक बार बस स्टैंड के गेट बंद किए तो कई बसों के खिलाफ कार्रवाई की गई। बाद में हालात पहले जैसे हो गए। सिरसा बस स्टैंड से बुधवार सुबह से जब डबवाली के लिए निजी बस चली तो रोडवेज कर्मचारियों ने बस को रोक लिया, जिसके चलते निजी बस संचालक और रोडवेज कर्मचारी आमने सामने हो गए। इसके बाद रोडवेज कर्मचारियों ने रोष स्वरूप बस स्टैंड के गेट पर बसे लगाकर गेट बंद कर दिए। जिससे बसें न तो स्टैंड से बाहर जा पाई और न ही बाहर से बसें भीतर आ सकीं। ऐसे में यात्री इधर से उधर भटकते रहें। प्रदर्शनकारी हरियाणा रोडवेज तालमेल कमेटी के प्रधान रामकुमार चुरनिया, कर्मचारी नेता मदन लाल खोथ, भीम सिंह चक्का, चमन लाल, रमेश कुमार, गौरीशंकर, सुरजीत अरोड़ा, चंद्रशेखर धम्मी, लक्ष्मण दास आदि ने बताया कि सरकार निजी बसों की पॉलिसी को रद्द कर दिया है, इसके बावजूद बसों का संचालन किया जा रहा है।
उधर, प्राइवेट बस ऑपरेटरों बूटा सिंह, जसप्रीत सिंह, पवन कुमार, अमरीक सिंह, बलजीत सिंह, प्रदीप आदि ने बताया कि कोर्ट के आदेश पर ही बसों का संचालन हो रहा है, जो जायज है। रोडवेज कर्मचारी अपनी मनमानी करते हैं। उन्होंने कहा कि चक्का जाम कर रोडवेज कर्मचारी शासन और प्रशासन पर दबाव बना रहे हैं। उन्होेंने कहा कि रोडवेज कर्मचारियों की वजह से आए दिन यात्रियों को परेशानी का सामना पड़ता है।
दूसरी ओर रोडवेज कर्मचारियों ने बस स्टैंड के गेट बंद कर नारेबाजी शुरू कर दी। रोडवेज सिरसा डिपो के महाप्रबंधक रामकुमार मौके पर पहुंचे पर प्रदर्शनकारी अपनी जिद पर ही अडे़ रहे। बाद में सहायक आरटीओ सचिव सत्यनारायण मौके पर पहुंचे तथा कर्मचारियों से 15 दिन का समय मांगा। उन्होंने कहा कि 15 दिन में इस समस्या का समाधान कर दिया जाएगा। इसके बाद रोडवेज कर्मचारियों ने करीब दो घंटे बाद बस स्टैंड के गेट खोले। बस स्टैंड के गेट बंद होने के कारण बसें बाहर रुकने के कारण रोड पर भी जाम की स्थिति पैदा हो गई। उधर, निजी बस संचालकों ने उपायुक्त से मिलकर अपनी समस्या रखी।