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Haryana: डेरा सच्चा सौदा का स्थापना दिवस मनाने उमड़ी साध-संगत, राम रहीम ने जेल से भेजा पत्र

Mon, 29 Apr 2024 03:24 PM IST
भूपेंद्र सिंह संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा (हरियाणा)

सार

गुरमीत ने 19वां पत्र भेजकर साध-संगत को स्थापना दिवस की बधाई दी। इस दौरान एक और मानवता भलाई कार्य शुरू करवाया गया। इसके तहत पालतू संभाल मुहिम के तहत पशुओं को आवारा नहीं छोड़ेगे व पूरी संभाल करेंगे। क्लॉथ बैंक मुहिम के तहत जरूरतमंद बच्चों को कपड़े बांटे गए।
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डेरा सच्चा सौदा का स्थापना दिवस मनाने उमड़ी साध-संगत - फोटो : संवाद
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विस्तार
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हरियाणा के सिरसा में डेरा सच्चा सौदा का स्थापना दिवस सोमवार को मनाया गया। शाह सतनाम-शाह मस्ताना जी धाम व मानवता भलाई केंद्र डेरा सच्चा सौदा सिरसा में खराब मौसम और दिनभर बूंदाबांदी के बावजूद देशभर से बड़ी तादाद में साध-संगत पहुंची। इस दौरान डेरा सच्चा सौदा की ओर से किए जा रहे 162 मानवता भलाई कार्यों की फेहरिस्त में पालतू संभाल का काम भी जोड़ दिया गया। उपस्थित साध-संगत ने अपने दोनों हाथ खड़े कर पालतू संभाल कार्य करने का प्रण लिया। इस दौरान क्लॉथ बैंक मुहिम के तहत जरूरतमंद बच्चों को कपड़े वितरित किए गए।

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जेल से चिट्ठी भेजकर कहा - भलाई के कामों को बढ़ाएं
इस मौके पर डेरा प्रमुख गुरमीत सिंह की ओर से जेल से भेजी गई 19वीं चिट्ठी पढ़कर साध-संगत को सुनाया गया। जिसे सुनकर साध-संगत भाव-विभोर हो गई। चिट्ठी के माध्यम से डेरा प्रमुख ने डेरा सच्चा सौदा की साध-संगत द्वारा किए जा रहे भलाई कार्यों के लिए उनका हौसला बढ़ाया।
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लिखा कि आप सब जैसे सृष्टि भलाई के कार्य दिन-रात करते रहते हैं वो जज्बा कमाल का है और इसे बढ़ाएं, कम न होने दें। इस मौके पर कविराजों ने भक्तिमय भजनों से सतगुरु की महिमा का गुणगान किया। बाद में सत्संग पंडाल में लगाई गई बड़ी-बड़ी एलईडी स्क्रीनों द्वारा साध-संगत ने डेरा प्रमुख के वचनों को एकाग्रचित होकर श्रवण किया।

डेरा प्रमुख ने साध-संगत को संबोधित करते हुए फरमाया कि साईं जी का लगाया गया बीज सच्चा सौदा आज वट वृक्ष बन चुका है। पूरी दुनिया में लोग राम-नाम गाने लगे हैं। नशा छोड़ने, बुराइयां छोड़ने और अपने टूटे तार फिर से राम-नाम से जोड़ने के लिए लोग सच्चे सौदे में आते हैं तथा मालिक से यही दुआ है कि राम-नाम से उनका तार फिर से जुड़ जाएं और उनको वो दातार (परम पिता परमात्मा) फिर से मिल जाएं।

कुदरत ने क्या-क्या जगह बना रखी है और साईं जी ने भी ऐसी जगह को चुना। शाह मस्तान जी, शाह सतनाम जी धाम दोनों ही जगह ऐसी है। शाह सतनाम जी महाराज को जब साईं जी ने गुरुगद्दी पर बैठाया तो साईं ने अपने वचना अनुसार फरमाया कि जिसको दुनिया बाहर ढूंढती रहती है, उसको हमने सब के सामने बैठा दिया है। वचन फरमाए कि हम थे, हम है और हम ही रहेंगे, कभी जाएंगे नहीं। लेकिन इसके लिए भी आंख देखने वाली होनी चाहिए। अगर रूहानियत के किसी फकीर के नजारे लूटने हो, खुशियां लेनी हो, ओम, परम पिता परमात्मा को देखना हो तो इंसान को अपने मोतियाबिंद का ऑपरेशन कराना होगा। 

सांग के माध्यम से दिया नशा छोड़ने का संकेत
पावन भंडारे की खुशी में आयोजित नामचर्चा सत्संग के दौरान डेरा प्रमुख द्वारा युवाओं को नशों से दूर रहने के लिए प्रेरित करते गाए गए गाना मेरे देश की जवानी और आशीर्वाद मांओं का चलाए गए। गाने के माध्यम से नशे में बर्बाद होते युवाओं को राम-नाम का जाप कर नशा छोड़ने का सशक्त संदेश दिया गया। इसके अलावा इन भजनों पर साध-संगत ने नाच गाकर खुशियां मनाई।
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डाक्यूमेंट्री से दिखाई डेरे की शुरुआत से अब तक की कहानी
नामचर्चा सत्संग भंडारे के दौरान डेरा सच्चा सौदा के स्थापना दिवस से संबंधित एक डॉक्यूमेंट्री दिखाई गई। जिसमें बेपरवाह सार्इं शाह मस्ताना महाराज द्वारा 1948 में डेरा सच्चा सौदा की नींव रखने से लेकर परम पिता शाह सतनाम जी महाराज व गुरमीत राम रहीम की रहनुमाई में किए जा रहे 162 मानवता भलाई कार्यों के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई।

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