सिरसा। पाकिस्तानी आतंकी शहजाद भट्टी और अभि चहल के संपर्क में रहने तथा आतंकी गतिविधियों में शामिल होने के संदेह में गिरफ्तार कुत्तागढ़ निवासी राजवीर उर्फ डीसी को अदालत से राहत नहीं मिली है। सोमवार को अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश नवजीत क्लेयर ने उसकी नियमित जमानत याचिका खारिज कर दी।
इस मामले में पुलिस ने नवदीप, राजवीर उर्फ डीसी, विकास और रजत को गिरफ्तार किया था। पुलिस के अनुसार, आरोपियों के पास मिले बैग से हैंड ग्रेनेड बरामद हुआ था जिसे बम निरोधक दस्ते ने नियंत्रित विस्फोट के जरिए नष्ट कर दिया था। तलाशी के दौरान विकास और रजत के पास से मोबाइल फोन भी बरामद किए गए। सदर थाना सिरसा में इस संबंध में 5 अप्रैल 2026 को प्राथमिकी दर्ज की थी।
पुलिस स्टेशन और प्रमुख हस्तियों को निशाना बनाने का आरोप
जमानत याचिका पर सुनवाई के दौरान सरकारी वकील ने अदालत को बताया कि जांच के अनुसार आरोपियों का कथित मकसद पुलिस स्टेशन, पुलिस चौकी या किसी लोकप्रिय राजनेता अथवा मशहूर हस्ती के घर पर हैंड ग्रेनेड से हमला करना था। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने राजवीर की जमानत याचिका खारिज कर दी।
एनएच-9 पर सूचना के आधार पर की गई थी कार्रवाई
4 अप्रैल 2026 को पीएसपी प्रदीप कुमार के नेतृत्व में पुलिस टीम नेशनल हाईवे-9 पर गांव सिकंदरपुर के बस स्टैंड के पास मौजूद थी। इसी दौरान सूचना मिली कि नवदीप, राजवीर, विकास और रजत आपराधिक गतिविधियों में शामिल हैं तथा पाकिस्तानी आतंकी शहजाद भट्टी और अभि चहल के संपर्क में हैं। आरोपी व्हाट्सएप और सोशल मीडिया के माध्यम से संपर्क में रहते हैं और उनके पास गैरकानूनी विस्फोटक सामग्री हो सकती है। सूचना के आधार पर पुलिस ने सिरसा-डबवाली हाईवे पर वैदवाला पुल के पास दबिश दी। चारों युवक टीम को देखकर भागने लगे लेकिन उन्हें पकड़ लिया गया। नवदीप के कंधे पर मौजूद नीले बैग में हैंड ग्रेनेड होने की जानकारी मिलने पर पुलिस ने बैग को सावधानीपूर्वक झाड़ियों में रखवाया और कार्रवाई की वीडियोग्राफी भी करवाई।