तीन दिन बैंक का चक्कर काटने के बाद नहीं बदली किसान की नोट, लगाई फांसी
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उपमंडल के गांव हैबूआना के सरपंच प्रतिनिधि ने संतान न होने पर मानसिक परेशानी के चलते सोमवार रात फंदा लगाकर जान दे दी। पुलिस ने मृतक के पिता के बयान पर इत्तेफाकिया मौत की कार्रवाई करते हुए पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया है।
पुलिस को दिए बयान में मृतक भूपेंद्र सिंह के पिता सोहन सिंह ने बताया कि उसकी पुत्रवधू पिंकी रानी अपने मायके कालांवाली गई हुई थी। उनका बेटा भूपेंद्र सिंह का विवाह करीब छह वर्ष पूर्व पिंकी के साथ हुआ था। औलाद न होने के चलते भूपेंद्र सिंह पिछले कई दिनों से मानसिक तौर पर परेशान चल रहा था। वह सोमवार रात करीब साढ़े 11 बजे घर आया और खाना खाकर अपने कमरे में चला गया। कमरे में उसने टीवी देखा। मंगलवार सुबह साढ़े सात बजे जब वह चाय देने के लिए उसके कमरे में गया तो दरवाजा अंदर से बंद था। उसने दरवाजा खटखटाया तो काफी देर तक उसने दरवाजा नहीं खोला। जब उन्होंने खिडक़ी में से कमरे के अंदर झांककर देखा तो उसके पैरों तले से जमीन खिसक गई। भूपेंद्र सिंह चुनरी का फंदा लगाकर पंखे की हुक से लटका हुआ था और टीवी चल रहा था।
उन्होंने उसी समय शोर मचाया और तुरंत अपने छोटे बेटे बलविंदर को आवाज लगाई। शोर सुनकर पड़ोसी भी पहुंच गए और पुलिस को सूचित किया। सूचना पाकर थाना सदर की पुलिस मौके पर पहुंची और आवश्यक कार्रवाई के बाद शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए डबवाली के नागरिक अस्पताल पहुंचाया। मामले में कार्रवाई कर रहे थाना सदर के एएसआई राजा राम ने बताया कि पुलिस ने मृतक भूपेंद्र सिंह के पिता सोहन सिंह के बयान पर सीआरपीसी की धारा 174 के तहत इत्तेफाकिया मौत की कार्रवाई करते हुए पोस्टमार्टम उपरांत शव परिजनों को सौंप दिया है। मृतक भूपेंद्र सिंह की एक छोटी बहन और एक भाई बलविंद्र सिंह है।