खंड के गांव पन्नीवाला मोटा में नाथ मोहल्ले में एक मकान की छत गिरने से मलबे में सात लोग दब गए। ग्रामीणों ने उन्हें बाहर निकाला। पिता-पुत्री को अधिक चोटें आईं, जिसके चलते उन्हें उपचार के लिए सिरसा ले जाया गया। नाथ समुदाय के अर्जन नाथ की बेटी सुमित्रा बाई और उसका पति बाबू नाथ सिरसा से पन्नीवाला मोटा मिलने आए हुए थे।
परिजनों के अनुसार एक कमरे में अर्जन नाथ, उसकी बेटी सुमित्रा बाई, जंवाई बाबू नाथ, उसके चार बच्चे चार वर्षीय अंजलि, पांच वर्षीय राहुल, दो अन्य बच्चे राम और लक्ष्मण समेत सात लोग सोए हुए थे, जबकि परिवार के अन्य सदस्य साथ लगते अन्य कमरे में थे। सोमवार अल सुबह अचानक कमरे की छत का आधा भाग भरभराकर गिर गया।
हादसे के बाद घर में चीख-पुकार मच गई, जिसे सुनकर मोहल्ले के लोग घटनास्थल की ओर दौड़ पड़े और कमरे के अंदर मौजूद सभी लोगों को तुरंत बाहर निकाला। सुमित्रा बाई की चारपाई के ऊपर छत गिरने से उसे काफी चोटें आई हैं तो वहीं अर्जन नाथ को भी चोटें आई हैं।
गनीमत यह रही कि कमरे में मौजूद चार बच्चों और अन्य की चारपाई सुमित्रा बाई की चारपाई से थोड़ी दूरी पर थी, अन्यथा मलबे के साथ मकान का लेंटर गिरने से जान-माल का नुकसान हो सकता था। अर्जन नाथ की पत्नी शकीना बाई ने बताया कि घर में दो ही कमरे हैं, जो पुराने हैं।
ये हादसा छत पुरानी होने के कारण हुआ है। इस हादसे में अर्जन नाथ और सुमित्रा बाई के अलावा अन्य को मामूली चोटें आई हैं। सुमित्रा बाई को सिरसा रेफर किया गया है। घटना की सूचना पाकर सरपंच सतवीर कस्वां ने मौके पर पहुंचकर हादसे की जानकारी ली। उन्होंने बताया कि पंचायत विभाग की ओर से पीड़ित परिवार की यथासंभव मदद करने की कोशिश की जाएगी।