संवाद न्यूज एजेंसी
सिरसा। महिला पुलिस थाने पर 25 नवंबर 2025 को हुए ग्रेनेड हमले के मामले में राष्ट्रीय जांच एजेंसी ने अब तक स्पेशल कोर्ट में आरोपियों के खिलाफ विस्फोटक पदार्थ अधिनियम की धारा 7 के तहत अभियोजन मंजूरी से संबंधित दस्तावेज दाखिल नहीं किए हैं। एनआईए की ओर से आरोपियों पर 25 मई 2026 को आरोप पत्र दाखिल किया जा चुका है।
सुनवाई आगे बढ़ाने के लिए न्यायालय एनआईए को अभियोजन मंजूरी से संबंधित दस्तावेज पेश करने के निर्देश दे रहा है। मामले की अगली सुनवाई 9 अक्तूबर 2026 को होगी। न्यायालय की ओर से एनआईए को बताया गया है कि विस्फोटक पदार्थ अधिनियम के तहत मुकदमे के लिए अभियोजन मंजूरी आवश्यक होती है।
इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि पर्याप्त आधार के बिना किसी व्यक्ति के खिलाफ इस कानून के तहत अभियोजन न चलाया जाए। इसलिए यह मंजूरी देने का अधिकार संबंधित जिले के जिला मजिस्ट्रेट को दिया गया है।
मामले में एनआईए ने 31 अगस्त को अंबाला जेल में आरोपी ग्रेनेड आपूर्तिकर्ता गुरजंट सिंह की संदिग्ध पहचान परेड करवाई थी। पहचान परेड के बाद एनआईए ने गिरफ्तार कर लिया था।
पाकिस्तानी गैंगस्टर शहजाद भट्टी व सोहेल अहमद उर्फ सोहेल बलोच पर एनआईए 25 अगस्त को स्पेशल कोर्ट में अंतिम रिपोर्ट दाखिल कर चुकी है।