- दो बार डंपिंग ग्राउंड बनाने का प्रयास कर चुका है प्रशासन, लोगों के विरोध से हटाया
- अब विधायक ने सोशल मीडिया के माध्यम से ग्रीन बेल्ट में डंपिंग पॉइंट बनाने की उठाई मांग
- जिला नगर आयुक्त को फोन कर बस स्टैंड, डबवाली रोड और सब्जीमंडी के डंपिंग पॉइंट का कचरा ग्रीन बेल्ट में डालने की मांग
- नियमानुसार ग्रीन बेल्ट नहीं, शहर के एरिया के अनुसार देनी है एजेंसी को जगह, सरकारी जमीन नहीं मिल रही
- सांसद कुमारी सैलजा तक जता चुकी है ग्रीन बेल्ट में डंपिंग पॉइंट बनाने पर नाराजगी
फोटो - 20
संवाद न्यूज एजेंसी
सिरसा। शहर में ग्रीन बेल्ट को लेकर भले ही कब्जे हटाते हुए नगर परिषद के अधिकारियों से लेकर नेता नजर आते हैं लेकिन पिछले एक साल से डबवाली रोड पर ग्रीन बेल्ट में डंपिंग पॉइंट बनाने की जद्दोजहद में लगे हुए हैं। इसी कड़ी में सोमवार को विधायक गोकुल का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा हैं। वीडियो में वह जिला नगर आयुक्त सुरेंद्र बेनीवाल को ग्रीन बेल्ट में अस्थायी तौर पर डंपिंग पॉइंट बनाने की बात कहते हुए नजर आ रहे हैं।
मानसून में मौसम में ग्रीन बेल्ट को हरा-भरा बनाने की बात होती है और उनके सुंदरीकरण की बात की जाती है। वहीं, ग्रीन बेल्ट में डंपिंग बनाने की योजना बनाई जा रही है। इसको लेकर सांसद कुमारी सैलजा से लेकर शहर के मौअजिज लोग तक विरोध जता चुके हैं। एनजीटी की गाइडलाइन के अनुसार भी ग्रीन बेल्ट में कचरा नहीं डाला जा सकता है मगर पिछले एक साल से नगर परिषद के अधिकारी ग्रीन बेल्ट को डंपिंग पॉइंट बनाने में जुटे हुए हैं।
यह है एजेंसी के अनुबंध में
नगर परिषद क्षेत्र से कचरा उठाने को लेकर पूजा वेस्ट मैनेजमेंट को सरकार ने अनुबंध दिया हुआ है। अनुबंध में लिखा हुआ है कि नगर परिषद अलग-अलग जोन के हिसाब से जमीन सेकेंडरी पॉइंट बनाने के लिए देगा। उसको कवर एजेंसी की ओर से किया जाएगा। वहीं से एजेंसी कचरे का उठान करेगी ताकि गंदगी के ढेर जगह जगह न लगे।
यह है स्थिति
डेढ़ साल का वक्त गुजरने के बाद अभी तक एजेंसी के पास दो ही मुख्य डंपिंग पॉइंट एरिया है। इनमें एक सिरसा क्लब के सामने डबवाली रोड है और दूसरा बस स्टैंड पास है। दोनों को कवर किया गया है। सब्जीमंडी डंपिंग पॉइंट पर कवर शेड विधायक के विरोध के बाद नहीं लगा था। वहीं, रंगड़ी रोड एरिया में भी कोई स्थायी डंपिंग पॉइंट नहीं है। सही मायने में अब बस स्टैंड और डबवाली रोड डंपिंग पॉइंट को खत्म किया जाता है तो शहर में जगह जगह कचरे के ढेर देखने को मिलेंगे। रात के समय और सुबह छह बजे सफाई कर कचरा एक जगह कहां पर सफाई कर्मचारी डालेंगे।
शहर बांटा गया है चार भागों में
अनुबंध के अनुसार, शहर को चार भागों में बांटा गया है। रेलवे लाइन शहर को विभाजित करती है। तीन जोन रेलवे लाइन के दूसरी तरफ यानी पुराने शहर के बनाए गए है जबकि एक जोन बस स्टैंड एरिया से लेकर जेल तक बनाया गया है। ऐसे में शहर चार पॉइंट देना जरूरी है और डेढ़ साल से प्रशासन को इनके लिए कोई जगह नहीं मिल पाई है। हालांकि, विधायक ने भी जगह न मिलने तक डंपिंग पॉइंट में कचरा डालने की बात कही हैं।
कोट्स
डंपिंग पॉइंट को शिफ्ट करने को लेकर जगह की तलाश जारी है। चार जोन के लिए सरकारी जगह नहीं मिल रही है। इसलिए कोई ठोस व्यवस्था नहीं हो पा रही है। ग्रीन बेल्ट को लेकर विवाद बना रहता है।
-जयवीर सिंह, सीएसआई, नगर परिषद।