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दादा ने जीती पोती को इंसाफ दिलाने की जंग

Mon, 21 Dec 2015 12:19 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला सिरसा
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नाबालिग की मौत पर सुसाइड का लेबल लगाकर पांच साल पहले केस की फाइल बंद करने वाली पुलिस को अब फाइल ओपन करके आरोपी मां, मामाओं व नाना-नानी पर हत्या का केस करना पड़ा है।
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इस असंभव से दिखने वाले कार्य को एक वृद्ध ने अपने दृढ़ संकल्प के बलबूते संभव कर दिखाया है। अपनी नाबालिग पोती की मौत को इंसाफ दिखाने के लिए दादा ने एसपी से लेकर डीजीपी और सेशन से लेकर हाईकोर्ट तक का द्वार खटखटाया, लेकिन उसकी बातों को सभी ने अनसुना कर दिया।

बावजूद इसके दादा ने हिम्मत नहीं हारी और इंसाफ दिलाने की जंग को लगातार लड़ता रहा। अब पांच सालों बाद वृद्ध दादा का अथक प्रयास रंग लाया और आईजी श्रीकांत जाधव ने केस के सभी पहलुओं पर ध्यान देकर सिरसा पुलिस को आरोपियों के खिलाफ हत्या का केस दर्ज करने का आदेश दिया।
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जानकारी के अनुसार गांव रुपाणा गंजा निवासी राम कुमार के पुत्र रण सिंह की शादी निर्बाण निवासी रामकला देवी के साथ करीब 19 वर्ष पहले हुई थी। छह साल पहले रण सिंह की मौत हो गई और उसकी पत्नी रामकला अपनी बेटी सोनू उर्फ सोनियां को लेकर मायके निर्बाण में रहने चली आई।

दादा राम कुमार को अपनी पोती सोनिया से काफी लगाव था। 17 नंवबर 2010 को सोनिया की घर पर संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई।

दादा राम कुमार पोती की मौत हो जाने की सूचना मिलते ही निर्बाण पहुंच गया। मां राम कला, नाना धर्मपाल, नानी लिछमा देवी, मामा चांद राम, शंकर कुमार व कैलाश सोनिया के शव को सामान्य अस्पताल ले आए।

उन्होंने वहां पहुंचे ग्रामीण व दादा राम कुमार से कहा कि सोनिया को हार्ट अटैक आया था जिससे उसकी मौत हो गई। दादा को उनकी बातों पर यकीन नहीं हुआ इसके बाद डॉक्टरों ने शव का निरीक्षण किया तो गले पर निशान दिखे।

राम कुमार को जिस प्रकार शंका थी उसी डॉक्टरों की बातों ने बल दे दिया। इसके बाद दादा ने अपनी पोती सोनिया की गला घोंटकर हत्या किए जाने का आरोप लगाना शुरू कर दिया। सामान्य अस्पताल के डॉक्टरों ने मामला पेचिदा होने के चलते शव पोस्टमार्टम हेतु रोहतक पीजीआई रेफर कर दिया।

वहां पर लड़की की मां, मामाओं, नाना व नानी ने पुलिस को बयान दर्ज करवाया कि सोनिया ने फांसी लगाकर अपनी जान दे दी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में भी मौत का कारण गला घुटने के रूप में सामने आया। चौपटा थाना पुलिस ने परिजनों का बयान दर्ज करके सोनिया की मौत को सुसाइड मानकर इत्तेफाकिया मौत की कार्यवाही कर के फाइल बंद कर दी।

पोती को इंसाफ दिलाने की जंग
दादा राम कुमार ने 16 वर्षीय पोती को इंसाफ दिलाने की ठान ली और पहले एसपी को शिकायत की। जांच में चौपटा पुलिस ने आरोपियों को क्लीन चिट दे दी। इसे बाद डीजीपी को शिकायत पत्र लिखकर इंसाफ मांगा। फिर जांच में पुलिस ने सभी को क्लीन चिट देकर सोनिया की मौत पर सुसाइड का लेबल लगा दिया।

राम कुमार स्थानीय अदालत से लेकर हाईकोर्ट गया। वहां भी वृद्ध गुहार पर कोई सुनवाई नहीं हुई। देखते-देखते पोती की मौत को पांच साल बीत गए, लेकिन दादा ने हार नहीं मानी और अब आईजी हिसार श्रीकांत जाधव समक्ष पेश होकर शिकायत पत्र सौंपा और सारी बातें बताई।

आईजी ने गंभीरता पूर्वक बातों को सूना। इसके बाद आईजी ने सिरसा पुलिस को आरोपियों के हत्या का केस दर्ज करने का आदेश दिया। पुलिस ने आदेश मिलते ही तुरंत प्रभाव से मां, तीन मामाओं, नाना व नानी के खिलाफ केस दर्ज कर लिया। मामले की जांच उपपुलिस अधीक्षक कुलदीप बेनीवाल करेंगे।

मारपीट, हत्या व सबूत मिटाने का केस
आईजी के आदेशानुसार आरोपी मां रामकला देवी, मामा चांद राम, शंकर लाल, कैलाश चंद्र, नाना धर्मपाल व नानी लिछमा देवी के खिलाफ मारपीट करने, हत्या व सबूत मिटाने का अभियोग दर्ज किया गया है।

पहले इस मामले में इत्तेफाकिया मौत की कार्यवाही हुई थी। जल्द ही जांच को पूरा किया जाएगा। हत्यारोपियों से गहनता के साथ पूछताछ की जाएगी ताकि वे सारी सच्चाई बाहर आ सके। -कुलदीप बेनीवाल, जांच अधिकारी एवं उपपुलिस अधीक्षक।
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