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Sirsa News: पहले दिन शुरू नहीं हुई स्नातक की दाखिला प्रक्रिया, विद्यार्थी नहीं कर पाए पंजीकरण

Tue, 04 Jun 2024 01:26 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
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सिरसा। स्नातक में दाखिला प्रक्रिया सोमवार को पहले दिन शुरू नहीं हो पाई। उच्च शिक्षा निदेशालय ने दाखिलों का शेड्यूल तो जारी कर दिया, लेकिन लिंक जारी नहीं किया। जिसके कारण पहले दिन कोई भी विद्यार्थी दाखिले को लेकर पंजीकरण नहीं कर पाया। वहीं सीडीएलयू (चौधरी देवीलाल विश्वविद्यालय) की ओर से जारी सूचना के अनुसार 5 जून से 5 जुलाई तक कैंपस की दाखिला प्रक्रिया शुरू हो जाएगी
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बता दें कि जिले के राजकीय व निजी कॉलेजों में स्नातक कक्षाओं में दाखिला प्रक्रिया सोमवार को शुरू होनी थी, लेकिन उच्च शिक्षा निदेशालय की ओर से पहले ही दिन लिंक ही जारी नहीं हो पाया। विद्यार्थियों प्रवीण कुमार, सुरेंद्र, सतविंदर, विजय आदि का कहना है कि उन्हें पहले दिन ही बताई गई साइट पर लिंक ही नहीं मिला। वहीं लिंक जारी न होने को लेकर कोई जानकारी नहीं है।
पहले वाला शेड्यूल ही जारी रहेगा
शेड्यूल के अनुसार 3 जून से पंजीकरण प्रक्रिया शुरू होनी थी पर लिंक नहीं मिलने से ऐसा नहीं हो पाया। दाखिला प्रक्रिया 25 जून तक चलनी है। दाखिले की प्रक्रिया सेंट्रलाइज्ड ऑनलाइन रहेगी। विद्यार्थी उच्च शिक्षा निदेशालय की अधिकारिक वेबसाइट पर दाखिले के लिए आवेदन कर सकते हैं।
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विश्वविद्यालय में बैचलर ऑफ परफॉर्मिंग आर्ट्स इस शिक्षा सत्र से
वहीं दूसरी ओर चौधरी देवीलाल विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. अजमेर सिंह मलिक ने कहा कि शैक्षणिक सत्र 2024-25 से बैचलर ऑफ परफॉर्मिंग आर्ट्स के तहत थियेटर टीवी तथा सिनेमा की प्रोग्राम प्रारंभ की है। जिसमें 12वीं पास विद्यार्थियों के लिए 30 सीटों का प्रावधान किया गया है। इसके अतिरिक्त एमए समाज शास्त्र, पीजी डिप्लोमा इन योगा तथा सर्टिफिकेट कोर्स इन पंजाबी कोर्स भी शुरू करने का फैसला विश्वविद्यालय प्रशासन ने लिया है।

विद्यार्थियों की निरंतर बढ़ रही संख्या
कुलपति ने कहा कि वर्तमान में विश्वविद्यालय 21 स्नातक कोर्स, 32 पीजी कोर्स, एक पीजी डिप्लोमा इन योगा, 2 सर्टिफिकेट कोर्स संचालित कर रहा है। कुछ वर्ष पहले जहां कैंपस में विद्यार्थियों की संख्या मात्र 2500 के आसपास थी, वर्तमान में कैंपस में विद्यार्थियों की संख्या 5600 और आने वाले समय में यह संख्या बढ़कर 6500 होने की उम्मीद है। विश्वविद्यालय ने नेशनल एजुकेशन पॉलिसी-2020 को प्रभावी ढंग से लागू करने में भी प्रदेश में अग्रणी भूमिका निभाई और प्रदेश के अन्य विश्वविद्यालयों के लिए अनुकरणीय उदाहरण प्रस्तुत किया है।


जेआरएफ शोधार्थियों की संख्या बढ़ी



वीसी प्रो. अजमेर सिंह मलिक ने बताया कि विश्वविद्यालय में जेआरएफ (जूनियर रिसर्च फेलोशिप) शोधार्थियों की संख्या बढ़ी है, जिससे नेक मूल्यांकन में फायदा होगा। यूनिवर्सिटी ने जेआरएफ शोधार्थियों के दाखिले कि लिए विशेष नियम बनाए हैं, जिनका विश्वविद्यालय को फायदा हुआ है। इससे शोध के स्तर में सुधार हुआ है और शोधार्थी विश्वविद्यालय का नाम अंतरराष्ट्रीय स्तर पर रोशन कर रहे हैं।
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