सिरसा। हरियाणा रोडवेज कर्मचारी सांझा मोर्चे के पूर्व में घोषित कार्यक्रम अनुसार मंगलवार को सिरसा डिपो पर गेट मीटिंग हुई। प्रधान रिछपाल सिंह संधू व सचिव सुरेंद्र बैरागी ने बताया कि प्रदेश सरकार छात्र-छात्राओं एवं आम व्यक्ति की पसंद सुरक्षित एवं सस्ती परिवहन सेवा का निजीकरण करके पूंजीपतियों के हवाले कर रही है।
योजना की ठेके की इलेक्ट्रिक बसों व ठेके की किलोमीटर स्कीम की बसों को रोडवेज विभाग में बिना मांग के लगातार शामिल किया जा रहा है। योजना की ठेके की बसों से रोडवेज विभाग को घाटा हो रहा हैं। दूसरी ओर मंत्री एवं विधायक अपने-अपने विधानसभा के हर गांव में सरकारी बसें चलवाने के आदेश रोडवेज अधिकारियों को दे रहे हैं।
रोडवेज विभाग के पास सभी गांवों में सरकारी बस भेजने के लिए पर्याप्त बसें नहीं हैं। आज रोडवेज विभाग में चालक, परिचालकों की बहुत कमी है। बसों की मरम्मत करने के लिए कर्मचारी ना के बराबर रहे गए हैं। चालक, परिचालकों की कमी एवं बसें मरम्मत समय पर न होने के कारण बसें खड़ी रहती हैं। रोडवेज विभाग में हजारों पद खाली पड़े हैं। इस दौरान राज्य प्रभारी राजवीर दुहन, राज्य प्रेस सचिव सुरेंद्र रानियां व अन्य मौजूद रहे।
ये हैं कर्मचारियों की मुख्य मांगें
- कर्मचारियों की मुख्य मांगों में धुन्ध, बारिश एवं कोरोना काल जैसे विपरीत समय में जोखिम भरी ड्यूटी करने वाले कर्मचारियों को जोखिम भत्ता दिया जाए।
- ऑनलाइन तबादला नीति के स्थान विभाग एवं कर्मचारी हित की आपसी तबादला नीति को पुन: अपनाया जाए।
- चालकों-परिचालक, लिपिक, स्टोर कीपर, कैशियर के पद का पे ग्रे बढ़ाया जाए।
- देय अर्जित अवकाश कटौती पत्र को वापिस लेकर पूर्व की तरह देय अर्जित अवकाश दिए जाएं।
- 2002 के चालकों को नियुक्ति तिथि से पक्का किया जाए एवं पुरानी पेंशन योजना में शामिल किया जाए।
- सभी प्रकार की पूर्ण प्रकिया करने वाले 2016 के चालकों को पक्का किया जाए।
- अड्डा इंचार्ज का नया पद सृजित करके चालकों को प्रमोशन दी जाए।
- वंचित 2008 के परिचालकों को उपनिरीक्षक के पद पर प्रमोशन की जाए।
- कर्मशाला के 2018 के ग्रुप डी के कर्मचारियों को कॉमन कैडर से बाहर करके तकनीकी पदों पर प्रमोशन दी जाए।
- जूता भत्ता, शिक्षा भत्ता, वर्दी भत्ता महंगाई अनुसार बढ़ाया जाए। दादरी डिपो के 52 हेल्परों सहित सभी प्रकार के कच्चे कर्मचारियों की पॉलिसी बनाकर पक्का किया जाए, आदि की मांग रहीं।