सिरसा। राजकीय नेशनल कॉलेज प्रबंधन ने फरलो मारने वाले विद्यार्थियों पर कार्रवाई शुरू कर दी है। प्रबंधन ने हाजिरी कम रहने पर अब तक 200 से अधिक विद्यार्थियों के नाम कॉलेज ने काट दिए हैं। कॉलेज प्रबंधन के अनुसार दोबारा फीस भरकर विद्यार्थी अपना नाम लिखवा सकते हैं। यह भी तभी होगा जब 15 दिन के भीतर उक्त विद्यार्थी 500 रुपये का जुर्माना भरकर अपना नाम लिखवा लें। यदि कोई विद्यार्थी नियमानुसार नाम अपना नाम दोबारा नहीं लिखवाता है तो वह वार्षिक परीक्षा नहीं दे पाएगा।
इसके बाद इन 200 विद्यार्थियों में से 93 ने जुर्माना भरकर अपना नाम फिर से लिखवा लिया है। जबकि 107 विद्यार्थियों ने अभी तक अपना नाम नहीं लिखवाया है। कॉलेज प्रशासन के अनुसार उच्चतर शिक्षा विभाग की ओर से सख्त आदेश जारी किए गए हैं कि सभी कक्षाओं में विद्यार्थियों की पूरे साल में 70 फीसदी उपस्थिति सुनिश्चित करें। अगर कोई विद्यार्थी लगातार 7 दिनों तक अनुपस्थित रहता है तो कॉलेज प्रबंधन की ओर से उसका नाम काट दिया जाएगा।
किसान आंदोलन के दौरान नहीं काटे गए नाम
कॉलेज की ओर से 200 विद्यार्थियों के नाम काटे गए हैं। विद्यार्थियों का कहना है कि किसान आंदोलन होने के कारण वो कॉलेज में नहीं पहुंच पाते हैं, इसलिए कॉलेज प्रबंधन ने उनके नाम काट दिए हैं जो कि सही नहीं है। वहीं कॉलेज प्रबंधन का कहना है कि काटे गए नामो में से एक भी ऐसा विद्यार्थी नहीं है जो किसान आंदोलन के दौरान कॉलेज में नहीं आया हो। जो भी नाम काटे गए हैं वे किसान आंदोलन से पहले के हैं।
-
विद्यार्थियों का नाम काटने में 12 से 13 दिन का समय लगता है। ऐसे में ये काटे गए नाम वो है जो किसान आंदोलन से पहले कॉलेज में नहीं आए। ऐसे में अगर कोई ऐसा विद्यार्थी जिसका नाम आंदोलन के दौरान कक्षाओं में न आने के कारण कटा हो। वो प्रबंधन से आकर मिल सकता है।
- नवीन मक्कड़, इंचाई, राजकीय नेशनल कॉलेज सिरसा।