जलभराव से प्रभावित गावों के दौरे के दौरान किसानों से बातचीत करती सांसद कुमारी सैलजा। संवाद
चोपटा। मुआवजे के नाम पर प्रदेश की भाजपा सरकार किसानों के साथ मजाक कर रही है। किसान हितैषी होने का दावा करने वाली भाजपा सरकार को पता होना चाहिए कि फसलों का लागत मूल्य क्या होता है। सरकार को नरमा और कपास पर कम से कम 60-75 हजार रुपये प्रति एकड़ मुआवजा देना चाहिए। 15 हजार रुपये प्रति एकड़ की घोषणा कर सरकार किसानों के जख्मों पर नमक छिड़क रही है।
यह बात अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी की महासचिव व सिरसा लोकसभा क्षेत्र की सांसद कुमारी सैलजा ने सोमवार को चोपटा क्षेत्र के सेमग्रस्त व बाढ़ प्रभावित गांवों के दौरे के दौरान कही।
सांसद ऐलनाबाद में सुनील गोदारा के आवास पर पहुंचीं और कार्यकर्ताओं से मिलीं। उसके बाद गांव गुडियाखेड़ा पहुंचकर घग्गर ड्रेन के टूटने से खेतों में हुए जलभराव का निरीक्षण किया। उन्होंने कहा कि किसानों की मेहनत पर आए इस संकट की जिम्मेदारी सरकार को लेनी चाहिए और तुरंत मुआवजा व पानी निकासी का समाधान सुनिश्चित करना चाहिए।
सांसद ने लुदेसर, मानक दीवान, दडबा कलां, शाहपुरिया, शक्कर मंदोरी, निर्वाण आदि गांवों का दौरा कर किसानों से बातचीत की। इस दौरान उनके साथ ऐलनाबाद विधायक भरत सिंह बैनीवाल, कांग्रेस की जिला अध्यक्ष संतोष बैनीवाल मौजूद रहीं।