गोशालाओं में तूड़ी किल्लत की समस्या को लेकर उपायुक्त से मिलने जाते गोशाला के पदाधिकारी।
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सिरसा, ओढां। गोशालाओं में तूड़ी किल्लत के चलते गोशाला संचालक सोमवार को उपायुक्त से मिले और समस्या से अवगत करवाया। इस संबंध में संचालकों ने समस्या के समाधान को लेकर चेतावनी दी है कि अगर दो दिन के अंदर समस्या का समाधान नहीं हुआ तो वह गायों को रोड पर छोड़ गोशाला को ताला लगाकर प्रशासन को चाबियां देने पर मजबूर होंगे।
जिला गोरक्षा व गोशाला संघ के पदाधिकारी सोमवार को लघु सचिवालय में अपनी मांगों को लेकर के उपायुक्त को ज्ञापन सौंपा। जिला गोरक्षा प्रमुख पंकज सैन ने बताया कि जिला भर में 134 पंजीकृत व 18 अपंजीकृत गोशालाएं हैं। जिनमें करीब 60 हजार गोवंश रह रहे है। अब इन्हें खिलाने के लिए तूड़ी खत्म हो रही है, स्थिति ऐसी हो चुकी है कि कई गोशालाओं ने तूड़ी खत्म हो चुकी है और कई गोशालाओं में केवल 2 दिन का चारा बचा है। अगर इन दो दिनों में प्रशासन तूड़ी मुहैया नहीं करवाता तो सभी गोशालाओं की चाबी उपायुक्त को सौंप देंगे। जिसकी जिम्मेदारी जिला प्रशासन की होगी। वहीं इस संबंध में जिलाध्यक्ष योगेश बिश्नोई का कहना है कि जिले में तूड़ी की बहुत ही कमी हो चुकी है। जिसके चलते मार्केट में तूड़े के दाम 600 से 700 रुपये प्रति क्विंटल तक पहुंच गए हैं। इससे पहले तूड़ी के दाम 400 से 500 रुपये प्रति क्विंटल था। प्रशासन प्रत्येक गोवंश के हिसाब से तूड़ी गोशालाओं को मुहैया करवाए। अगर दो दिन के अंदर तूड़ी नहीं मिलती तो गोवंश के भूखा मरने की स्थिति उत्पन्न हो जाएगी। शहर की गोशाला में करीब पांच हजार गोवंश हैं। अगर इनकों तूड़ी नहीं मिली तो उन्हें सड़कों पर छोड़ दिया जाएगा। ताकि तूड़ी के अभाव में भूख न मरे।
700 रुपये प्रति क्विंटल मिल रही है तूड़ी
संघ के जिलाध्यक्ष योगेश बिश्नोई ने बताया कि जिले में करीब 60 हजार गोवंश है। उन्होंने बताया कि पहले लोग दान स्वरूप गोशालाओं में तूड़ी डाल देते थे। लेकिन इस बार गेहूं की बिजाई कम होने के चलते तूड़ी मिल ही नहीं रही। दूसरा व्यापारी वर्ग ऊंचे दामों के अवसर में तूड़ी का स्टॉक भी कर रहा है। तूड़ी के दाम 700 रुपये प्रति क्विंटल मांगे जा रहे हैं। अगर इन दामों में तूड़ी मिलती भी है तो गोशालाओं के पास इतना बजट भी नहीं है।