शहर के वाड़ॱर नंबर 6 में स्थित गली खेत्रपाल वाली में जनकराज परिवार के सदस्यों के सोने के आभूषण सांड़ द्वारा निगल जाने के मामले में दूसरे दिन भी परिवार सोने के आभूषण गोबर के साथ बाहर आने का इंतजार करता रहा। हालांकि सोमवार को सांड़ के पेट से आभूषण बाहर नहीं आए। लेकिन परिवार ने आवारा सांड़ की अच्छी तरह से खिदमत की जा रही है। वहीं चिकित्सक फतेहचंद ने परिवार को बीते दिन कहा था कि उन्हें तीन दिन तक इंतजार करना होगा। ऐसे में दूसरे दिन भी सांड़ के गोबर के साथ सोने के आभूषण बाहर नहीं आए। अब परिवार को मंगलवार तक का इंतजार है।
बतां दे कि कालांवाली के जनकराज निवासी वार्ड नंबर 6 ने बताया कि बीती शुक्रवार को उसका परिवार किसी समारोह में शिरकत करके आया था। जिसके बाद उसकी पत्नी और पुत्रवधु सोने के आभूषण उतारकर रसोई में कटोरी में रखकर सो गए। इस दौरान रसोई में सब्जी काटने पर छिलकों से नीचे सोने के आभूषण वाली कटोरी छिप गई। जिसे उसकी बुजुर्ग मां ने उस सब्जी के छिलकों व अन्य बची सब्जियों व फल को गली में पशुओं के लिए बनाई जगह पर डाल दिया। जिसके कुछ मिनट बाद फिर जब उसकी बुजुर्ग मां गली में खड़ी थी तो उसकी नजर सोने के चमकते टॉप्स पर पड़ी तो उन्होंने वहां से टाप्स को उठाकर परिवारजनों को दिखाया तो उन्हें पता चला कि रसोई में तो उन्होंने सोने के आभूषण रखे थे। लेकिन रसोई में जाकर देखा तो वहां पर आभूषण नहीं थे। इसके बाद उन्होंने घर में लगे सीसीटीवी कैमरों की जांच की तो पता चला कि सोने की ज्वेलरी सब्जियों के कचरे के साथ बाहर फैंक दी गई है और बाहर लगे सीसीटीवी कैमरे की जांच में एक आधी पूंछ कटे आवारा सांड़ की ओर से सोने के गहनों को सब्जियों के साथ खा गया। इसके बाद परिजनों ने आधी पूंछ कटे होने की निशानी पर कई गलियों में आवारा सांड़ की तीन घंटे तलाश की। आवारा सांड़ को पकड़कर घर के पास खाली प्लाट में लाकर बांधा गया और चिकित्सक के सलाह पर आवारा सांड़ को हरा-चारा, गुड़, केले आदि खिलाकर उसकी खातिरदारी की जा रही है।