चोपटा। गांव दड़बा कलां में पिछले कुछ दिनों से बकरियों की मौत हो चुकी है। बकरी पालन करने वालों के अनुसार बकरियों की मौत किस कारण से हो रही उन्हें पता नहीं चल पा रहा है। गांव में कुछ दिनों में करीबन 38 बकरियों की इस बीमारी से मौत हो चुकी है और कई अभी भी बीमारी से ग्रस्त हैं। इसको लेकर बकरी पालकों की नींद उड़ी है।
गांव निवासी भादरा खान ने बताया कि अब तक 38 से अधिक बकरियां की मौत हो चुकी है। इनमें मेरी तीन बकरियां की मौत हो गई, इसी के साथ ही इंद्र सिंह की दस, महेंद्र सिंह धानक की पांच, गुलजारी नायक की पांच, संतलाल की पांच सहित अन्य पालकों की बकरी मरी है। बकरी पालकों का कहना है कि गांव में पशु अस्पताल है, मगर अभी तक चिकित्सकों ने बकरियों का उपचार शुरू नहीं किया है। जिसके कारण प्रतिदिन बकरियां मर रही हैं। उन्होंने कहा कि बकरियां के मरने से उन्हें आर्थिक तौर पर काफी नुकसान हुआ। बकरियां का विभाग की तरफ से बीमा भी नहीं किया गया है। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि उनको मुआवजा दिया जाए।
मुझे अभी तक गांव में बकरियों के मरने की सूचना नहीं मिली है। अगर गांव में बकरियां मर रही हैं, तो इसकी जांच की जाएगी और उनका इलाज आरंभ किया जाएगा।
-डॉ. रवि तनेजा, पशु चिकित्सक।