स्थानीय चत्तरगढ़ पट्टी निवासी 65 वर्षीय मोती राम डाबला के निधन के
शोकस्वरूप सोमवार को उनकी याद में चत्तरगढ़ पट्टी स्थित धानक धर्मशाला में
रस्म पगड़ी आयोजित की गई।
दिवंगत मोती राम की एक बेटी है, रस्म पगड़ी में
यह सवाल उठा कि अब पगड़ी किसे पहनाई जाए? यद्यपि दिवंगत के भतीजे और दोहते
को पगड़ी पहनाए जाने पर भी विचार किया गया परंतु उपस्थित परिवारजनों एवं
समाज के लोगों ने उनकी विवाहिता बेटी लाली देवी को पगड़ी पहनाकर एक अनूठी
पहल की।
रस्म पगड़ी में उपस्थित करीबन 300 लोग समाज की इस पहल और मुक्त सोच से बेहद
प्रभावित हुए।लाली देवी के चाचा देसराज डाबला ने कहा कि परिवार और समाज
द्वारा सर्वसम्मति से लिए गए इस फैसले से उन्हें खुशी है क्योंकि आज के युग
में बेटियां भी बेेटों के समान हैं। उन्होंने बताया कि उनके परिवार ने
बेटी को बेटे के बराबर का दर्जा देकर उसका पूरा-पूरा मान-सम्मान किया है।