संवाद न्यूज एजेंसी
सिरसा। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी की महासचिव व सांसद कुमारी सैलजा ने कहा कि बारिश, आंधी और ओलावृष्टि में खेतों में खड़ी फसलों और मंडियों में रखे गेहूं को भारी नुकसान हुआ है। सरकार को बिना देरी किए तुरंत विशेष गिरदावरी करवाकर नुकसान का निष्पक्ष और पारदर्शी मूल्यांकन करवाकर प्रभावित किसानों को मुआवजा और राहत राशि प्रदान करनी चाहिए।
मंडियों में फसलों के लिए सुरक्षित भंडारण व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। किसान देश का अन्नदाता है और उसकी पीड़ा पर संवेदनशीलता और तत्परता से कार्य करना सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी होनी चाहिए।
शनिवार को बयान जारी करते हुए सांसद सैलजा ने कहा है कि सिरसा के अलावा फतेहाबाद, हिसार, भिवानी, महेंद्रगढ़, कैथल, रेवाड़ी, सोनीपत, यमुनानगर, झज्जर, कुरुक्षेत्र, फरीदाबाद, करनाल और जींद में भी बारिश और आंधी ने फसलों को नुकसान पहुंचाया है। फतेहाबाद में सरसों की बोरियां और गेहूं की फसल भीगने से किसान परेशान हैं।
सांसद सैलजा ने कहा है कि प्रदेश सरकार एक अप्रैल से गेहूं की सरकारी खरीद शुरू करती है। उससे कई माह पहले ही वह गेहूं खरीद की तैयारियों में जुट जाती है। सारी तैयारियां कागजों में ही होती हैं, धरातल पर कोई काम हुआ ही नहीं है। पहली ही बारिश ने सरकार के दावों की पोल खोलकर रख दी अगर प्रशासन की ओर से सारे प्रबंध किए गए होते तो आज मंडी में किसानों का गेहूं न भीगता।
हरियाणा का मौसम विभाग पहले ही सरकार और आम व्यक्ति को सूचित कर देता है कि कब मौसम खराब रहेगा, कब बारिश होगी, ओलावृष्टि हो सकती है। इसके बावजूद शासन और प्रशासन कोई उचित कदम नहीं उठाता है।