गांव खैरेकां के पास खेतों में जमा घग्गर का पानी ।
सिरसा। घग्गर नदी का जलस्तर अब खतरे के निशान से नीचे आ गया है। जिसके चलते आसपास के ग्रामीणों और किसानों को कुछ राहत मिली है। सरदूलगढ़ से अब सिरसा में 23 860 क्यूसेक पानी पहुंच रहा है। ऐसे में अब सभी गांवों के करीब 20 फीसदी खेत भी खाली होने शुरू हो चुके हैं। जिसके पश्चात अब किसान धान की दोबारा से रोपाई करने को लेकर भी तैयारी कर रहे हैं।
बीते छह दिनों में तेजी से घग्गर का जलस्तर कम हुआ है। बीते रविवार को घग्गर नदी उफान पर थी और सरदूलगढ़ से सिरसा में 58 हजार क्यूसेक पानी पहुंच रहा था। जोकि अब तक 35 हजार क्यूसेक कम हुआ है। जिले में पटवारियों की ओर से तैयार किए गए रिकॉर्ड के अनुसार 11 हजार एकड़ में अब तक घग्गर नदी का पानी जमा होने से फसल खराब हो गई थी। जिसमें से अब 20 फीसदी खेतों में से पानी की निकासी हो चुकी है। जबकि अन्य क्षेत्रों में अभी तक निकासी होना शेष है। घग्गर नदी में ऊंचे जमीन वाले क्षेत्रों में किसानों ने अब धान रोपाई की भी तैयारी कर ली है। ताकि फसल को दोबारा से तैयार किया जा सके।
हालांकि अभी घग्गर नदी के टूटे हुए तटबंधों की दरार को भरने का कोई भी कार्य शुरू नहीं हो पाया है। टूटी हुई दरार को भरने के बाद ही किसानों को कुछ राहत मिलने की उम्मीद है। घग्गर नदी से सबसे अधिक नुकसान पनिहारी, मुसाहिबवाला, बुर्जकर्मगढ़ और फरवाई के किसानों को हुआ है। इस क्षेत्र के किसानों की पूरी फसल नदी के कारण खराब हो चुकी है। किसानों की ओर से अब क्षतिपूर्ति पोर्टल पर भी इसकी जानकारी दर्ज करवाई जा रही है। हालांकि अभी तक 1600 एकड़ के करीब ही किसानों की ओर से रजिस्ट्रेशन करवाया गया है।
घग्गर की यह है स्थिति
स्थान , क्यूसेक
गुहलाचीका, 40850
खनौरी, 11675
चांदपूरा, 12100
सरदूलगढ़, 23860
ओटू, 24521
राजस्थान साइफन, 11849
घग्गर का जलस्तर अब खतरे के निशान से नीचे पहुंच गया है। जिले में अब स्थिति सामान्य है। खेतों से भी पानी की निकासी हो रही है। किसानों को अब परेशान होने की आवश्यकता नहीं है।
अजीत हुड्डा, एक्सईएन, सिंचाई विभाग सिरसा ।