सिरसा। भारत गैस एजेंसी की शाखा भूपेंद्रा गैस एजेंसी पर मंगलवार को जिला खाद्य आपूर्ति नियंत्रक अधिकारी (डीएफएसी) हरवीर सिंह ने औचक निरीक्षण किया। जब वे कैश लेने वाले काउंटर पर मॉनिटरिंग कर रहे थे तो कर्मचारी ने किराडकोट निवासी सुखेदव सिंह के 943 रुपये काटकर उन्हें बाकी पैसे देने लगा। यह देख वे हैरान रह गए। उनकी मौजूदगी में कर्मचारी 36 रुपये अतिरिक्त ले रहा है तो आमजन के साथ क्या होता होगा।
वहीं, एजेंसी संचालक भूपेंद्र कुमार मौके पर आए तो उन्होंने कर्मचारी को बुलाकर समझाने का प्रयास किया कि कर्मचारी दूसरे उपभोक्ता से बात कर रहा था। इस कारण उससे गलती हो गई है। हमारी एजेंसी पर ऐसा नहीं होता है। डीएफएससी ने कहा कि मैं सामने खड़ा हूं, एक मिनट पहले बताया कि 907 रुपये लेने हैं, उसके बाद कर्मचारी 36 रुपये अतिरिक्त ले रहा हैं। यह तो हद हैं। गुस्साए डीएफएसी ने एजेंसी संचालक को अपनी बुकिंग का सारा रिकॉर्ड दिखाने के आदेश दिए। उन्होंने आपकी आखिरी सबसे पुरानी पेंडिंग बुकिंग दिखाइये। जनता को 20 दिनों से बुकिंग होने के बाद भी सिलिंडर नहीं मिल रहा है।
भाजपा नेता के भतीजे के साथ हुई धक्का-मुक्की
वहीं, दूसरी ओर डीएफएसी के पहुंचने से आधे घंटे पहले एजेंसी पर वार्ड-25 के पूर्व पार्षद सुशील सैनी के भतीजे मोहित, महिलाओं व अन्य लोगों के साथ बाउंसरों ने धक्का9मुक्की की। मोहित ने बताया कि वह केवाईसी के लिए एजेंसी पहुंचा था लेकिन गेट खोलकर अंदर जाने पर बाउंसर ने उसके साथ धक्का-मुक्की और बदसलूकी की। गैस सिलिंडर को लेकर लाइन में लगे लोग सिलिंडरों पर गिर गए और आधे घंटे तक हंगामा हुआ। जिसके बाद पुलिस की जिप्सी मौके पर पहुंची और व्यवस्था बनाने का प्रयास किया।
उपभोक्ता ने डीएफएससी को बताया अपना दर्द, बोले-11 को करवाई थी बुकिंग आज 31 हो गई
गैस सिलिंडर लेने आए रेशम सिंह ने डीएफएससी को मोबाइल से करवाई हुई बुकिंग का मैसेज दिखाते हुए कहा कि 11 मार्च को उसने बुकिंग करवाई थी। आज 31 मार्च को मजबूरन सारे काम छोड़कर उसे लाइन में लगना पड़ा हैं। लोग कॉपी लेकर आते हैं और सिलिंडर लेकर चले जाते हैं। बुकिंग करवाने वालों ने क्या कसूर किया है। आज 31 को सिलिंडर मिलेगा तो 25 दिन आज से शुरू हाेंगे। बुकिंग के 20 दिन का कोई हिसाब नहीं है। डीएफएससी ने कहा कि वे बुकिंग सिस्टम की जांच करने ही आए हैं। इन समस्याओं का समाधान होगा।
कर्मचारी देते हैं गालियां, करते हैं महिलाओं से अभद्र व्यवहार
सोमनाथ ने बताया कि एजेंसी संचालकों ने गेट बंद कर रखा है। उपभोक्ता बाहर खड़े हैं। गेट पर कर्मचारी लगाए हुए हैं जो बेहद बदतमीज है। पुरुषों से लेकर महिलाओं तक को धक्का मारते हैं। कोई विरोध करता है तो उसे गालियां देते हैं। कुछ देर पहले ही एक लड़के को धक्का मारा और उसके साथ झगड़ा किया है। हमारी प्रशासन से मांग है कि गेट खुलवाया जाए। भले ही लोग लाइन में लगे रहे, लेकिन गेट खुलना चाहिए। भेड़ बकरियों जैसा व्यवहार उपभोक्ताओं के साथ किया हुआ है। जो सरासर गलत है। वहीं, जब पुलिस कर्मचारियों ने गेट पर खड़े बाउंसरों को गेट खोलने के लिए कहा तो बोले - आपको जाना है, आप गेट खोलकर चले जाओ। जब पुलिस को कर्मचारी कुछ नहीं समझ रहे हैं तो आमजन के साथ उनका कैसा व्यवहार होगा।
लचर कार्यप्रणाली बन रही है आफत
एजेंसी की कार्यप्रणाली बेहद लचर नजर आई। आधे घंटे तक पर्ची काटने के काउंटर का जब डीएफसी ने निरीक्षण किया तो महज 3 से 4 पर्ची ही उपभोक्ताओं की कटी। उपभोक्ताओं ने बताया कि दो कर्मचारी बैठाये हुए हैं। कभी एक कर्मचारी उठकर चला जाता है तो कभी दूसरा चला जाता है। सबसे ज्यादा गैस कनेक्शन होने के बाद तीन से चार काउंटर तक एजेंसी संचालक नहीं लगा पा रहे हैं। यही कारण है कि घंटों लोगों को लाइन में खड़ा रहना पड़ता है।
गैस एजेंसी का रिकॉर्ड जांच गया है। जो मौजूदा हालात मिले हैं वे संतोष जनक नहीं हैं। विभाग अपने स्तर पर कार्रवाई करेगा।
-हरवीर सिंह, डीएफएससी, सिरसा