सिरसा। साइबर अपराध पुलिस के विशेष दल ने क्रिप्टो करेंसी की फर्जी वेबसाइट तैयार कर अपना क्रिप्टो क्वाइन बनाने और ज्यादा मुनाफे का झांसा देकर ठगी करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह के तीन सदस्यों को वीरवार को गिरफ्तार किया है। तीनों आरोपियों को पुलिस ने शुक्रवार को अदालत में पेश किया। अदालत ने तीनों को चार दिन के रिमांड पर भेज दिया है। गिरोह के सदस्य हरियाणा, पंजाब और हिमाचल प्रदेश में सक्रिय थे।
सिरसा जिले में क्रिप्टो करेंसी के नाम पर धोखाधड़ी की कई वारदात हो चुकी हैं। सिरसा निवासी स्वप्नदीप ने 20 सितंबर 2023 को साइबर अपराध थाने में करीब 7,75,000 रुपये की ठगी का केस दर्ज करवाया था। इसी मामले की जांच करते हुए पुलिस इन अंतरराज्यीय ठगों तक पहुंची। अब उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया है।
थाना प्रभारी इंस्पेक्टर जसवीर सिंह ने बताया कि तीनों आरोपी हिमाचल प्रदेश के निवासी हैं। इनकी पहचान गांव रिवाड़, जिला ऊना निवासी अभिषेक, जिला मंडी के गांव कौंसला निवासी सुखदेव और उसी जिले के गांव छनवटी निवासी हेमराज के रूप में हुई है। इन तीनों आरोपियों के खिलाफ हिमाचल के पालमपुर और पंजाब के डेरा बस्सी थानों में भी साइबर ठगी के मामले दर्ज हैं। पुलिस के अनुसार तीनों आरोपियों से रिमांड के दौरान ठगी की राशि बरामद की जाएगी। इनके ठिकाने किस राज्य में कहां पर हैं और कितने लोग इस गिरोह में शामिल हैं इसका पता लगाया जाएगा।
इस प्रकार देते थे वारदात को अंजाम
साइबर अपराध थाने के प्रभारी निरीक्षक जसवीर सिंह ने बताया कि तीनों आरोपियों ने सिरसा जिले के 40 से 50 लोगों को अलग तरीके से ऑनलाइन ठगा है। इनके नाम पर कई एफआईआर दर्ज हैं। यह लोग नकली क्रिप्टो करेंसी क्वाइन की वेबसाइट बनाकर लोगों को मोटे मुनाफे का लालच देते थे। इसी लालच में आकर लोग रुपये जमा करवाते थे और आरोपी जमा रुपये ठग लेते थे। हरियाणा, पंजाब, हिमाचल में इनका बड़ा नेटवर्क बताया गया है।
मुख्य सरगना मेरठ का, अभी पकड़ से बाहर
पुलिस के अनुसार फर्जी वेबसाइट बनाकर ठगी करने के मामले में मुख्य रूप से पांच लोग शामिल हैं। इसमें तीन आरोपियों को पुलिस गिरफ्तार कर चुकी है, जबकि दो आरोपी अभी पकड़ से बाहर हैं। फर्जी वेबसाइट बनाने का मुख्य सरगना मेरठ का मोनिल गर्ग है। पुलिस टीम मोनिल और हिमाचल के सुभाष को भी तलाश रही है। मोनिल गर्ग गिरोह का सरगना बताया गया है। बीटेक पास आरोपी अभिषेक शर्मा इनकी वेबसाइट को चलाता था।