शहर की रहने वाली एक महिला के पास फोन आया कि उसने आरोही स्कूल में निकली शिक्षक भर्ती के लिए परीक्षा दी थी, जिसमें वह एक नंबर से रह गई है और अगर वह अपना नाम मेरिट सूची में डलवाना चाहती है तो खाते में एक लाख रुपये डलवा दे। पैसे डलवा दिए तो शिक्षक पद पर चयन कर लिया जाएगा। फोन करने वाले युवक ने आवेदक को कहा कि वह तीन किस्तों में यह पैसे उसके पास भेज दें। वहीं, फोन करने वाले ने महिला को उसकी पूरी शैक्षणिक योग्यता की भी जानकारी दी।
शहर निवासी अरुण रानी ने बताया कि उसके पास फोन आया कि आपने आरोही स्कूल में अंग्रेजी टीजीटी के पद पर निकली भर्ती के लिए परीक्षा दी थी। इसमें वह एक नंबर से रह गई है। अगर उसे अपना चयन करवाना है तो कुछ प्रक्रिया है, वह पूरी करनी पड़ेगी, जिससे चयन हो जाएगा। पूरी बात सुनकर अरुण रानी ने कहा कि वह उसके पति विवेक को फोन कर लें। इसके बाद कॉलर ने उसके पति विवेक को फोन कर कहा कि उसकी पत्नी का टीजीटी परीक्षा में चयन के लिए एक नंबर कम है। अगर वह एक नंबर बढ़वाना चाहते हैं तो खाता नंबर बता रहे हैं, उसमें रुपये डाल दें। विवेक ने बताया कि उसने भांप लिया कि यह कोई धोखाधड़ी का ही मामला है। विवेक ने कॉलर से कहा कि वह पैसे नहीं देगा तो उक्त ने विवेक की पत्नी की पूरी शैक्षणिक योग्यता तक की जानकारी दे दी और यह भी बता दिया कि उसकी पत्नी के परीक्षा में कितने नंबर आए थे।
अमर उजाला भिवानी में लगी खबर पढ़कर हुए चौकन्ना
विवेक ने कहा कि उसे क्या करना होगा। तब उक्त कॉलर ने कहा कि वह पहले 25 हजार रुपये उसके खाते में डाल दें, जिससे उसका कट ऑफ में नाम आ जाएगा और अंतिम सूची लगने के बाद 25 हजार रुपये और डाल दें। कॉलर ने कहा कि भर्ती होने के बाद बाकी पैसे उसके खाते में डाल दें। जब विवेक ने यह बात अपने दोस्तों को बताई तो उन्होंने बताया कि यह धोखाधड़ी का मामला है। वहीं, विवेक ने बताया कि फोन आने के अगले ही दिन उसने अमर उजाला से भिवानी सेंटर से लगी खबर पढ़ी और बताया कि उसके साथ भी ऐसा ही मामला हुआ है। वह जल्द ही इसकी शिकायत शिक्षा विभाग में करेगा, जिससे अन्य लोगों को भी इस ठगी से बचाया जा सकेगा।
लोगों को ऐसे मामलों में सतर्क रहना चाहिए। यह निदेशालय स्तर का मामला होता है। हालांकि, मेरे पास अभी इस तरह की कोई शिकायत नहीं आई है।
- राजेश चौहान, जिला शिक्षा अधिकारी