सर्वहित ग्रुप ऑफ कंपनी व सर्वहित डेवलपर इंडिया लिमिटेड द्वारा निवेशकों को मुनाफा देने के बहाने करोड़ों रुपये की धोखाधड़ी के आरोप में शहर थाना पुलिस ने कंपनी के सीएसडी समेत पांच लोगों के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज किया है।
जिन लोगों पर केस दर्ज किया गया है, उनमें कंपनी के सीएमडी सुखविंद्र सिंह दंदीवाल निवासी मीरपुर कलां तहसील सरदूलगढ़, एमडी सतीश चौधरी निवासी मीरपुर नजदीक एयरफोर्स स्टेशन सिरसा, डायरेक्टर व मैनेजर सिरसा ब्रांच सुरजीत सिंह निवासी मीरपुर, एमडी बलबीर सैनी निवासी महावीर कॉलोनी, नजदीक बीज भंडार हिसार रोड सिरसा व एमडी राजेंद्र सैनी निवासी महावीर कॉलोनी हिसार शामिल है। पुलिस को दी शिकायत में विजेंद्र सैनी निवासी मकान नंबर 656 गोशाला रोड, नजदीक कोचर अस्पताल सिरसा, शीतल सैनी, पिंकी सैनी, हितांशी सैनी, सावित्री देवी, विनोद कुमार, अजय कुमार, किरणदीप, कांता देवी, संजय, मुकेश कुमार, चंद्र शेखर, परमानंद सैनी, रामअवतार, रामनिवास, संदीप सैनी, धर्मपाल, रामस्वरूप व रणजीत ने बताया कि वर्ष 2012 में सर्वहित ग्रुप ऑफ कंपनी व सर्वहित डेवल्पर इंडिया लिमिटेड के बारे जानकारी मिली, जो एक निश्चित समय के लिए पैसा निवेश करवाती थी और कंपनी निवेश किये गये पैसे से जमीन खरीदती थी। उस जमीन से आए मुनाफा को निवेशकों में बांटने का वादा करती थी। प्रार्थी ने कुछ पैसे भविष्य की बचत को देखते हुए कंपनी से निवेश किये और साथ ही अपने परिवार, रिश्तेदारों व अन्य लोगों से कंपनी में पैसे निवेश करवाया, जो कुल मिलाकर लगभग 2 करोड़ 73 लाख रुपये बनते हैं। कंपनी ने निवेशकों के पैसे से हरियाणा, पंजाब, कर्नाटक व अन्य जगह पर अपने व अपने रिश्तेदारों के नाम से काफी जमीन खरीद की। कंपनी द्वारा दी गई समय अवधि पूरी होने पर भी निवेशकों को कोई पैसा वापस न मिला। कंपनी के डायरेक्टर के नाम से एक शिकायत नंबर 726 पीसी, 19 मार्च 2019 को पुलिस अधीक्षक सिरसा को दी, जिसमें कंपनी के डायरेक्टर सतीश कुमार, सुखविंद्र सिंह व राजेंद्र सैनी ने हमें लिखित रूप में आश्वासन दिया और हमारे साथ जमीन का करारनामा किया। कंपनी के डायरक्टर्स ने आपसी मिलीभगत से कंपनी की जमीन तो बेच दी, परंतु निवेशकों को पैसा वापस नहीं किया। इसके बाद उन्हें ठगी का अहसास हुआ। जांच अधिकारी एएसआई सत्यनारायण ने बताया कि शिकायत के आधार पर आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया गया है।